तिलिस्म इतना घना है कि कई निष्पक्ष अखबार तक अभिभूत हैं कि भले ही यह अंतरिम बजट चुनावों के बाद पूरा बजट पेश करने तक के रूटीन खर्च के लिए लेखानुदान था। फिर भी मोदी सरकार ने राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए किसी लोकलुभावन उपाय की ज़रूरत नहीं समझी और चुनावी हित के बजाय ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र का पालन किया। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने इसे देश के भविष्य निर्माण का बजट बताया और कहाऔरऔर भी

इस बार के अंतरिम बजट में शब्दों, वादों व दावों के नीचे जाएं तो आपको झूठ, धोखा, फरेब व छद्म ही नज़र आता है। पिछले साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि लगातार तीसरे साल पूंजीगत व्यय 33% बढ़ाकर ₹10 लाख करोड़ किया जा रहा है। इस साल उन्होंने कहा कि इसे नए वित्त वर्ष में 11.1% बढ़ाकर ₹11,11,111 करोड़ किया जा रहा है। लेकिन यह नहीं बताया कि चालू वित्त वर्षऔरऔर भी

वॉरॆन बफेट दुनिया के सफलतम निवेशक हैं। लेकिन वे सबसे अमीर व्यक्ति नहीं हैं। इलोन मस्क 226.6 अरब डॉलर की निजी दौलत के साथ दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। लेकिन वे निवेशक कम और उद्यमी ज्यादा हैं। विद्युत कार निर्माता टेस्ला, रॉकेट निर्माता कंपनी स्पेस-एक्स और अब एक्स बन चुकी ट्विटर जैसी कई कंपनियों के मालिक हैं। दूसरे नंबर पर 175.1 अरब डॉलर की दौलत के साथ फ्रांस के बर्नार्ड आरनाल्ट हैं। वे भी एक उद्यमीऔरऔर भी

जब बड़े-बड़े अर्थशास्त्री से लेकर रेटिंग एजेंसियां तक कह रही थीं कि चालू वित्त वर्ष 2023-24 में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 5.9% तक सीमित रखने का लक्ष्य नहीं पूरा हो सकता, तब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे 5.8% तक सिमटाने का कमाल दिखा दिया। यही नहीं, जब कहा जा रहा था कि अगले वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी का 5.3% रखा जा सकता है, तब वित्त मंत्री ने इसे 5.1% परऔरऔर भी