माइक्रो टेक्नोलॉजीज (इंडिया) लिमिटेड की कीमत बाजार अभी नहीं समझ रहा। उसकी बुक वैल्यू 284.93 रुपए है, जबकि शेयर चल रहा है 206.75 रुपए पर। उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर भी बुक वैल्यू से कम 228.60 रुपए रहा  है। कंपनी ने 2009-10 में 310.22 करोड़ रुपए की आय पर 63.64 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था और उसका ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 57.92 रुपए था। जून 2010 की तिमाही में उसने 82.39 करोड़ रुपए कीऔरऔर भी

जैसे ही कोई द्वंद्व सुलझता है, खुशी के नए सोते खुल जाते हैं। प्रकृति का यही नियम है। टकराव को, गुत्थी को नहीं सुलझा पाना ही हार जाना है। और, हारा हुआ शख्स कभी खुश नहीं रहता। खुशी तो जीतने से ही मिलती है।और भीऔर भी

बाजार में निवेश का निर्णय कई पहलुओं से जुड़ा हुआ है। जैसे, अगर हम इंडियाबुल्स रीयल एस्टेट (बीएसई कोड – 532832, एनएसई कोड – IBREALEST) का मामला लें तो इसका प्रति शेयर लाभ (ईपीएस) और पी/ई अनुपात इसमें कतई निवेश की इजाजत नहीं देता। इसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 1.12 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 2.07 फीसदी बढ़कर 209.65 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह उसका पी/ई अनुपात निकलता है 187.36। इतनेऔरऔर भी

ईक्लर्क्स सर्विसेज (बीएसई कोड – 532927, एनएसई कोड – ECLERX) की बुक वैल्यू अभी 82.83 रुपए है। वित्त वर्ष 2009-10 में ईपीएस (प्रति शेयर लाभ) 38.23 रुपए रहा है। उसका ठीक पिछले बारह महीनों (टीटीएम) का ईपीएस 31.10 रुपए है। शेयर कल बीएसई में 600.05 रुपए पर बंद हुआ है। इस तरह वह 19.29 (600.25/31.10) के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है। जाहिर है, यह शेयर कहीं से भी सस्ता नजर नहीं आ रहा। लेकिन एचडीएफसीऔरऔर भी

इतने सारे लोग, इतनी सारी शक्तियां और उनके बीच के इतने सारे संबंध। इन्हीं के प्रभाव से चलता है वर्तमान और भविष्य। हम जटिलता के इस सघन जाल को भेद नहीं पाते तो उसे किस्मत या संयोग कह देते हैं।और भीऔर भी

चीन के केंद्रीय बैंक ने करीब तीन साल बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाकर सबको चौंका दिया है। वहां 20 अक्टूबर, बुधवार से एक साल की जमा और कर्ज पर ब्याज की दर 0.25 फीसदी बढ़ जाएगी। यह कदम मुद्रास्फीति और विभिन्न आस्तियों के बढ़ते दामों पर काबू पाने के लिए उठाया गया है। अभी वहां एक साल के जमा पर ब्याज की दर 2.25 फीसदी है जो अब 2.50 फीसदी हो जाएगी। इसी तरह एक सालऔरऔर भी

वैज्ञानिकों को कुछ ऐसे सुबूत मिले हैं जिनसे संकेत मिलता है कि करीब तीस हजार साल पहले गुफाओं में रहनेवाले आदिमानव न केवल अनाज को चक्कियों में पीसते थे, बल्कि सब्जी-भाजी भी उगाते थे। इस खोज से उस प्राचीनतम साक्ष्य को ही बल मिलता है जिसके मुताबिक प्रागैतिहासिक मानव अनाज से आटा बनाते थे और संभवतः वे निएंडरथल ही थे जो अपने आहार के लिए सब्जी-भाजी उगाते थे। इटली के एक शोध संस्थान ने यह निष्कर्ष अनुसंधानऔरऔर भी

हमने इसी कॉलम में 6 अगस्त की सुबह बाजार खुलने से पहले जब बिलकेयर लिमिटेड (बीएसई कोड – 526853) के बारे में लिखा था, तब पिछली शाम 5 अगस्त, गुरुवार को उसका बंद भाव 474.30 रुपए था। तब तक उसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 600 रुपए था और एचडीएफसी सिक्यूरिटीज की रिसर्च रिपोर्ट के हवाले हमने बताया था कि यह शेयर एक साल के भीतर 615 रुपए तक जा सकता है। लेकिन इसमें तो कमाल होऔरऔर भी

हम सभी मूलतः साधु स्वभाव के हैं। औरों की बातों से अपने काम का ‘सार’ ही ग्रहण करते हैं। लेकिन आलोचना को बिना विचलित हुए सुनना और गुनना जरूरी है क्योंकि अक्सर उनसे नई दृष्टि मिल जाती है।और भीऔर भी

ट्रेडरों के लिए आज का दिन बड़ा दुखदायी रहा। उनमें से ज्यादातर निराशा की गर्त में चले गए। उनकी निराशा की वजह वो खीझ है जो उन्हें विशेषज्ञों की इस राय पर भरोसा करने से हुई है कि निफ्टी अब बेरोकटोक 5800 तक गिरने जा रहा है, जबकि बाजार में ऐसा नहीं हुआ। शुरू में गिरावट आई जरूर। लेकिन बाद में बाजार संभल गया। मैंने तो यहां तक सुना कि टेक्निकल एनालिसिस के एक धुरंधर ने खुदऔरऔर भी