शेयर की बुक वैल्यू 23.83 रुपए और बाजार में भाव चल रहा है 27.75 रुपए। जी हां, फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस का शेयर कल बीएसई (कोड – 532809) में 3.98 फीसदी गिरकर 27.75 रुपए पर बंद हुआ है। एनएसई (कोड – FSL) में यह गिरावट 4.15 फीसदी रही है, लेकिन बंद भाव 27.75 रुपए ही है। करीब साल भर पहले 17 नवंबर 2009 को यह शेयर 40 रुपए के उच्चतम स्तर पर गया था, जबकि इसका न्यूनतम स्तर 24.15औरऔर भी

जो लोग रिश्तों और दूसरे लोगों की कद्र नहीं करते, उनका हश्र नितांत अकेलेपन और घुटन में होता है। हो सकता है कि वे बहुत ज्यादा पैसे कमा लें। लेकिन पैसे से प्यार तो छोड़िए, खुशी का धेला तक नहीं खरीदा जा सकता।और भीऔर भी

सरकार ने ईरान से केसर की तस्करी की बात को स्वीकार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में 375 करोड़ रूपए के राष्ट्रीय केसर मिशन कार्यक्रम के लागू होने के बाद यह स्थिति समाप्त हो जाएगी। कृषि सचिव पी के बसु ने कहा, “हमें इस बात की जानकारी है। राष्ट्रीय केसर मिशन इन मसलों की ओर ध्यान देगा। हमारा केसर ईरान से कहीं बेहतर है।” उनसे पूछा गया था कि क्या केन्द्र सरकार को ईरान से होने वालेऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अगले हफ्ते होनेवाली भारत यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के आर्थिक पहलू पर केंद्रित रहेगी क्योंकि अमेरिकी प्रशासन इसे सबसे महत्वपूर्ण उभरते हुए द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों के तौर पर देखता है। ह्वाइट हाउस में उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फोरमैन ने वॉशिंगटन में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह असल में अमेरिका के लिए बहुपक्षीय और द्विपक्षीय रूप से सबसे महत्वपूर्ण और उभरते हुए आर्थिक संबंध हैं। हम जी-20 के परिप्रेक्ष्य में भारत के साथ काफीऔरऔर भी

पीएसएल लिमिटेड का शेयर कल एनएसई, बीएसई दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों में 52 हफ्ते की तलहटी पर पहुंच गया। वो बीएसई (कोड – 526801) में 114.15 रुपए और एनएसई (कोड – PSL) में 113.60 रुपए तक गिर गया। ऐसा क्यों हुआ, नहीं पता। हां, कंपनी ने महीने भर पहले 29 सितंबर को इतना जरूर बताया था कि सितंबर 2005 में जारी 4 करोड़ डॉलर के जीरो कूपन विदेशी मुद्रा परिवर्तनीय बांडों (एफसीसीबी) की अदायगी 7 सितंबर 2010औरऔर भी

आप कोई भगवान तो हो नहीं कि आपका दिया पाने के लिए पात्रता जरूरी है। आप दिल से देना चाहते हैं तो आप ही को सुनिश्चित करना पड़ेगा कि सामनेवाले को मिला कि नहीं। उस पर तोहमत मढ़ने का कोई तुक नहीं है।और भीऔर भी

जैसे-जैसे दलबल के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत आने की तारीख करीब आती जा रही है, सरकार के तमाम मंत्री व आला अधिकारी मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की वकालत करते नजर आ रहे हैं। इसकी खास वजह यह है कि अमेरिका का भारी दबाव इस बात पर है कि भारत मल्टी ब्रांड रिटेल को विदेशी पूंजी निवेश के लिए खोल दे। प्रमुख अमेरिकी स्टोर व दुनिया के सबसे बड़े रिटेलर वॉलऔरऔर भी

एमआरपीएल (मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड) ने कल ही अपने तिमाही नतीजे घोषित किए हैं और ये नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। कंपनी का 13,964 करोड़ रुपए का विस्तार कार्यक्रम भी समय से आगे चल रहा है। फिर भी उसका शेयर दो फीसदी से ज्यादा गिरकर एनएसई (कोड – MRPL) में 82.30 रुपए और बीएसई (कोड – 500109) में 82.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले चार महीने से वो 75 से 85 रुपए के बीच डोल रहाऔरऔर भी

ऊंचा उठने की एक सीमा होती है। उसके बाद ठहरकर अगल-बगल बढ़ना होता है। फिर एक से अनेक होकर विस्तार का सिलसिला चलता है। प्रकृति से लेकर विचार व रचना तक यही होता है। समझ लें तो अच्छा है।और भीऔर भी

केंद्र सरकार जल्दी ही देश के लगभग पांच करोड़ परिवारों के वित्तीय समावेश का नया राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम स्वाभिमान शुरू करने जा रही है। यह जानकारी खुद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आर्थिक संपादकों के सम्मेलन में दी। सरकार की इस पहल की अहमियत इसलिए बढ़ जाती है क्योंकि इस समय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों की 85,292 शाखाओं में से करीब 38 फीसदी शाखाएं ही ग्रामीण इलाकों में हैं। देश की महज 40 फीसदी आबादी के पास बैंक खातेऔरऔर भी