देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में गिरावट का सिलसिला जारी है। मार्च में लगातार तीसरे माह में इसमें कमी आई है। यूरोप में वित्तीय संकट की वजह से मार्च में एफडीआई साल दर साल आधार पर 11 फीसदी घटकर 1.07 अरब डॉलर रह गया है। पिछले साल इसी अवधि में देश में 1.2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया था। वित्त वर्ष 2010-11 में एफडीआई 25 फीसदी घटकर 19.43 अरब डालर रहा। 2009-10 में देश मेंऔरऔर भी

दुनिया में कच्चे तेल और खाद्यान्नों के दाम बढ़ने की रफ्तार यदि धीमी नहीं पड़ी तो एशियाई देशों में करीब दो करोड़ लोग गरीबी का जीवन जीने पर मजबूर हो जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है। संयुक्त राष्ट्र की वर्ष 2011 की एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक और सामजिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (यूएन एस्केप) के अनुसार यदि वर्ष 2011 में खाद्यान्न मूल्यों से जुड़ी मुद्रास्फीति दोगुनी हो जाती है औरऔरऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने अपनी निवेशक हेल्पलाइन सेवा का ठेका किसी बाहरी कंपनी को देने का फैसला किया है। इस कॉल सेंटर में 500 एजेंटों की जरूरत होगी जो आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) और ट्रेडिंग जैसे तमाम मामलों के बारे में निवेशकों के फोन का जवाब देंगे। इससे कुछ ही हफ्ते पहले भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों की शिकायतों के निपटाने का जिम्मा किसी अन्य कंपनी को देने का निर्णय किया था।औरऔर भी

चांदी में आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा था। मामूली दरार अब खाईं बनती जा रही है। जिस चांदी को 165 फीसदी बढ़कर 75,000 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने में 12 महीने लग गए थे, वह 12 दिनों में ही 28 फीसदी से ज्यादा गिर कर 53,750 रुपए प्रति किलो पर आ चुकी है। अब तो यही लगता है कि अगले 12 महीनों में हर मामूली बढ़त पर इसमें शॉर्ट सौदों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। अगले 12औरऔर भी

अर्थव्यवस्था का दूरगामी नजरिया अच्छा हो और कंपनी अच्छी हो तो बाजार का पिटना बड़ा अच्छा होता है क्योंकि इस चक्कर में अच्छी कंपनियों के शेयर सस्ते में मिल जाते हैं। किसी सेक्टर का डाउनग्रेड किया जाना भी कभी-कभी अच्छा होता है क्योंकि सेक्टर के बीच भी अच्छी कंपनियां होती हैं। यहां संदर्भ है बैंकिंग सेक्टर का है और कंपनी है इंडियन बैंक। इंडियन बैंक का शेयर पिछले गुरुवार से इस गुरुवार के बीच 12.45 फीसदी काऔरऔर भी

एक दिन में महल नहीं बनते। एक दिन में क्रांतियां नहीं होतीं। एक दिन में कोई ज्ञानवंत नहीं बनता। एक दिन में जितना मिला, वही अपना है। जो छूट गया, उसे फिर पकड़ लेंगे। उसको लेकर पछताना क्या?और भीऔर भी

सरकार ने 14 कोल ब्‍लॉक और एक लि‍ग्‍नाइट कोल ब्‍लॉक का आवंटन रद्द करने का फैसला किया है। कोयला मंत्रालय का कहना है कि इन स्‍थानों पर खनन परि‍योजनाओं का या तो कार्यान्‍वयन नहीं हो रहा था या धीमा कार्यान्‍वयन हो रहा था। इसमें निजी कंपनियों के दो और सरकारी कंपनियों के 12 कोल ब्लॉक शामिल हैं। सरकारी कंपनियों में निरस्त किए गए सबसे ज्यादा पांच कोल ब्लॉक एनटीपीसी के हैं। वैसे, तमाम खनन ब्‍लॉकों की प्रगति‍औरऔर भी

कर्नाटक सरकार ने बैगलोर मैसूर एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए एक कंपनी द्वारा अधिग्रहीत तीन गांवों की 1916 एकड़ जमीन के लिए मुआवजे की रकम कई गुना बढ़ाने का निर्णय लिया है। जहां पहले प्रति एकड़ 1.5 लाख रुपए मुआवजा मिलना था, वहीं अब इसकी दर 40-41 लाख प्रति एकड़ कर दी गई है। गुरुवार को राज्य सरकार ने यह फैसला किया। नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरीडोर एंटरप्राइसेज ने बैगलोर दक्षिणी तालुक में केंगेरी के बाहरी इलाके में तीन गावोंऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने मशहूर इंजीनियरिंग व कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टुब्रो की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने 1300 करोड़ रुपए के सरकारी टेंडर में अपनी बोली को खारिज किए जाने को चुनौती दी थी। सरकार ने यह टेंडर 20 समुद्री गश्ती पोतों (ऑफशोर पैट्रोल वेसेल) बनाने के लिए निकाला था। गुरुवार को सुनाए गए आदेश में न्यायमूर्ति अल्तमास कबीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया। हाईकोर्ट नेऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति की दर 23 अप्रैल को खत्म हुए सप्ताह में घटकर 8.53 फीसदी पर आ गई। लेकिन ईंधन व बिजली का सूचकांक इसी दौरान 13.53 फीसदी बढ़ गया। नतीजतन प्राथमिक वस्तुओं की महंगाई दर दहाई अंक में 12.11 फीसदी पर डटी हुई है। बता दें कि थोक मूल्य सूचकांक में खाद्य वस्तुओं का भार 14.34 फीसदी और ईंघन व बिजली का 14.91 फीसदी है। वैसे, तुलनात्मक रूप से देखें तो प्राथमिक वस्तुओं की महंगाईऔरऔर भी