जूपिटर बायोसाइंसेज दवा उद्योग व बायोटेक्नोलॉजी से जुड़ी 1985 में बनी कंपनी है। बहुत कुछ नायाब बनाती है। लगातार बढ़ रही है। अधिग्रहण भी करती है। हाथ भी मिलाती है। 2006 में हैदराबाद की कंपनी का अधिग्रहण किया तो 2008 में स्विटजरलैंड की एक उत्पादन इकाई खरीद डाली। 2007 में रैनबैक्सी के साथ रणनीतिक गठजोड़ किया। इस मायने में भी यह बड़ी विचित्र कंपनी है कि इसकी 62.43 करोड़ रुपए की इक्विटी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी मात्रऔरऔर भी

जिसके हाथ-पांव बंधे हैं, दिल-दिमाग अंधेरी खोह में निर्वासित है, उसके लिए आज क्या और कल क्या! जब जिंदगी ही नहीं है तो आज की रात को आखिरी रात मान भी ले तो दिन को जी कहां पाएगा?और भीऔर भी

एलआईसी के इतिहास में ऐसा आज तक नहीं हुआ था। सरकार ने देश की इस सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के चेयरमैन टी एस विजयन का कार्यकाल बढ़ाने के बजाय उन्हें डिमोट तक प्रबंध निदेशक (एमडी) बना दिया है। फिलहाल वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के अतिरिक्त सचिव राकेश सिंह को एलआईसी का चेयरमैन बना दिया गया है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक यह तात्कालिक व्यवस्था है। खुद राकेश सिंह ने कहा है कि एलआईसी का चेयरमैनऔरऔर भी

रिजर्व बैंक ने तय किया कि बैंक पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तारीख 31 मार्च को अपनी नेटवर्थ के 10 फीसदी से ज्यादा रकम म्यूचुअल फंडों की लिक्विड स्कीमों में निवेश नहीं कर सकते। मौद्रिक नीति में इस कदम की घोषणा करते हुए रिजर्व बैंक गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि इस कदम से बैंकों व म्यूचुअल फंडों के बीच चल रहे सर्कुलर कारोबार को तोड़ने की कोशिश की गई है। बैंक म्यूचुअल फंडों की ऋण आधारितऔरऔर भी

सोने की कीमतें आम आदमी की पहुंच से दूर होने के बावजूद स्वर्ण आभूषणों के कारोबार में लगी कंपनियां अक्षय तृतीया पर ग्राहकों को छूट की झड़ी से लुभाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही हैं। इस बार अक्षय तृतीया 6 मई को पड़ रही है और उस दिन शुक्रवार है। इसलिए भी इसका महत्व बढ़ गया है। अक्षय तृतीया पर कुछ कंपनियां स्वर्ण आभूषणों को बनाने के शुल्क में छूट दे रही हैं तो कुछ हीराऔरऔर भी

वैसे तो देश के खजाने और मौद्रिक नीति के प्रबंधन का कोई वास्ता किसी आस्था नहीं है। लेकिन रिजर्व बैंक में लगता है कि शीर्ष पर कहीं कोई हनुमान-भक्त बैठा है क्योंकि उसकी सालाना मौद्रिक नीति और हर तिमाही समीक्षा मंगलवार को ही आती रही है। 20 अप्रैल को 2010-11 की सालाना मौद्रिक नीति आई। 27 जुलाई 2010 को पहली समीक्षा, 2 नवंबर 2010 को दूसरी समीक्षा और 25 जनवरी 2011 को तीसरी समीक्षा हुई। इसमें सेऔरऔर भी

उम्मीद पर दुनिया कायम है और शेयर बाजार भी। किसी कंपनी ने लाख अच्छा किया हो, लेकिन अगर वो बाजार की उम्मीद पर खरी नहीं उतरी तो उसका शेयर गिर जाता है। नहीं तो क्या वजह है कि टीवीएस मोटर कंपनी का शुद्ध लाभ मार्च तिमाही में साल भर पहले की तुलना में दोगुना हो गया। पहले 20.29 करोड़ रुपए था। अब 105.42 फीसदी बढ़कर 41.68 करोड़ रुपए हो गया। फिर भी शुक्रवार 29 अप्रैल को नतीजोंऔरऔर भी

जो चीज सालों से नहीं बदली, उसे बदलने का सुख ही सृजनात्कता का सुख है। बदलने की ललक हो, जीवट हो तो अंदर से ऊर्जा के बुलबुले उठते हैं। ये बुलबुले खुशी की चहक व ताजगी साथ लेकर आते हैं।और भीऔर भी

रिजर्व बैंक ने बड़े साफ शब्दों में कह दिया है कि नए वित्त वर्ष 2011-12 के बजट में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने सब्सिडी के लिए जो प्रावधान किया है, वह वास्तविकता के अनुरूप नहीं है। सोमवार को नए साल की मौद्रिक नीति जारी करने से पहले अर्थव्यवस्था की समग्र स्थिति के आकलन में रिजर्व बैंक ने यह बात कही है। रिजर्व बैंक के दस्तावेज में कहा गया है कि बजट में सब्सिडी की गिनती यह मानकरऔरऔर भी