भगवान पड़ोस में
दूर के ढोल ही नहीं, भगवान भी सुहाने लगते हैं। पास आकर भगवान पड़ोस में हमारी तरह रहने लगें तो हम उनकी भी बखिया उधेड़ डालें। इसीलिए सत्ता-लोलुप संत और नेता हम से दो गज दूर ही रहते हैं।और भीऔर भी
दूर के ढोल ही नहीं, भगवान भी सुहाने लगते हैं। पास आकर भगवान पड़ोस में हमारी तरह रहने लगें तो हम उनकी भी बखिया उधेड़ डालें। इसीलिए सत्ता-लोलुप संत और नेता हम से दो गज दूर ही रहते हैं।और भीऔर भी
कोई कितना ही रोके, चलनेवाले तो अपनी मंजिल और मौका तलाश ही लेते हैं। पानी अपनी डगर बना ही लेता है। हमारा काम बस इतना है कि समाज में जंगल की निरंकुशता न पले, अराजकता न चले।और भीऔर भी
ज्ञान की बातें बाद में। पहले कुछ काम की बात। तिलकनगर इंडस्ट्रीज के बारे में जानना चाहते हैं लोग। दक्षिण भारत की इस शराब कंपनी का शेयर 20 जून को घटकर 30.50 रुपए पर आ गया। अभी शुक्रवार, 1 जुलाई को बीएसई (कोड – 507205) में 43.20 रुपए और एनएसई (कोड – TI) में 43.30 रुपए पर बंद हुआ था। बीते साल 10 नवंबर 2010 को यह शेयर 147.80 रुपए के शिखर पर था। हमने भी 24औरऔर भी
खुशी न खाने में है, न सोने में। पीने में थोड़ी-सी है क्योंकि इससे हम अपनी मूल प्रकृति के करीब आ जाते हैं। असली खुशी गुत्थियां सुलझाने में है क्योंकि इससे हम अपने परिवेश के साथ लयकार हो जाते हैं।और भीऔर भी
शेयर बाजार के बिगड़े माहौल के चलते 15 कंपनियों ने पूंजी बाजार नियामक सेबी की मंजूरी के बावजूद अपने आईपीओ पेश नहीं किए। इन्हें मिली मंजूरी की मीयाद पूरी हो गई और ये कंपनियां पूंजी बाजार में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सकीं। इस साल जनवरी से जून 2011 के बीच 15 आईपीओ से कुल 25,186 करोड़ रुपए जुटाने की योजना थी। लेकिन इनमें से कोई भी आईपीओ बाजार में नहीं आया। बता दें कि सेबी सेऔरऔर भी
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डॉ. दुव्वरि सुब्बाराव का तीन साल का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। इसलिए सरकारी हलकों में उनकी जगह नए गवर्नर को लाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक इस दौड़ में तीन लोगों का नाम सबसे आगे हैं। ये हैं – शिकागो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार रघुराम राजन, आर्थिक मामलों के सचिव आर गोपालन और कार्नेल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर व वित्त मंत्रालयऔरऔर भी
ब्रिटेन में मौजूदगी रखने वाली भारतीय कंपनियां और भारत में मौजूद ब्रिटिश कंपनियां एक सख्त ब्रिटिश कानून के दायरे में आ गई हैं। यह कानून घूसखोरी को रोकने के लिए बनाया गया है। ब्रिटेन का घूसखोरी अधिनियम-2010 शुक्रवार, 1 जुलाई से प्रभाव में आ गया। इस कानून के तहत घूसखोरी अथवा भ्रष्टाचार में लिप्त पाए लोगों को 10 साल तक की जेल हो सकती है और उनके खिलाफ असीमित जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी पाई गईऔरऔर भी
दुनिया के बाजारों में मांग बढ़ने से देश का निर्यात सालाना आधार पर मई महीने में 56.9 फीसदी बढ़कर 25.49 अरब डॉलर रहा। पिछले साल मई में यह 16.53 अरब डॉलर था। इसे अर्थव्यवस्था में मजबूती का संकेत का माना जा रहा है। निर्यात बढ़ने की रफ्तार यदि यही रही तो चालू वित्त वर्ष में 300 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात कारोबार हो सकता है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 के पहले दो महीने में अप्रैल-मई केऔरऔर भी
नाइजीरिया, घाना, मालदीव और बांग्लादेश जैसे देशों ने भारत की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं विशेषकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रति गहरी रूचि दिखाई है। श्रम और रोजगार मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि ये देश अपने यहां ऐसी ही योजनाओं को लागू करने की सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और वॉशिंगटन में हुए जी-20 देशों के श्रम मंत्रियों के सम्मेलन जैसे वैश्विक मंचों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की तारीफ की जा चुकीऔरऔर भी
बाजार का हाल जो भी हो, लेकिन उसकी सवारी गांठने वाले विशेषज्ञों का हाल बडा रोचक है। ये ‘विशेषज्ञ’ लोग पहले कह रहे थे कि बाजार का 5500 पर पहुंचना असंभव है और अब, जब वहां तक पहुंच गया तो कह रहे हैं कि यह 5650 तक नहीं जा सकता है। लेकिन निफ्टी जब 5705 तक भी चला गया तो कहने लगे कि अब 5270 का स्टॉप लॉस लगाकर बेचो क्योंकि इसका 5720 को पार कर पानाऔरऔर भी
© 2010-2025 Arthkaam ... {Disclaimer} ... क्योंकि जानकारी ही पैसा है! ... Spreading Financial Freedom