ज्ञान की पूर्वशर्त
उचाट रहने से सच तक नहीं पहुंचा जा सकता है, पंडित नहीं बना जा सकता है। इसके लिए जुड़ना जरूरी है, प्रतिबद्धता जरूरी है, प्रेम जरूरी है, डूबना जरूरी है। निर्लिप्त रहकर ज्ञानवान नहीं बना जा सकता।और भीऔर भी
उचाट रहने से सच तक नहीं पहुंचा जा सकता है, पंडित नहीं बना जा सकता है। इसके लिए जुड़ना जरूरी है, प्रतिबद्धता जरूरी है, प्रेम जरूरी है, डूबना जरूरी है। निर्लिप्त रहकर ज्ञानवान नहीं बना जा सकता।और भीऔर भी
30 जून 2011 तक देश के 6,01,625 गांवों में से 1,69,201 यानी 28 फीसदी से ज्यादा गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है। भारत निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों को साल 2012 तक ब्रॉडबैंड से जोड़ देने का है। अभी तक इनमें से 1,33,712 पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही ग्रामीण वायरलेस ब्रॉडबैंड स्कीम के तहत 2,88,454 ब्रॉडबैंड कनेक्शन दिए गए हैं। सरकारी कंपनीऔरऔर भी
राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीति सरकार ने तैयार कर ली है और जल्दी ही इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। केंद्र में वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र मंत्रालय का जिम्मा एक साथ संभालने वाले मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी में निर्यात पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि उन्होंने कल (गुरुवार) को ही इस नीति के कैबिनेट नोट पर दस्तखत किए हैं और कुछ ही हफ्तों में भारत की पहली राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीतिऔरऔर भी
एक तरफ केंद्र की यूपीए सरकार अण्णा हज़ारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को न संभाल पाने से परेशान हैं, दूसरी तरफ शेयर बाजार की गिरावट व पस्तहिम्मती ने सरकार के प्रमुख कर्णधार व संकटमोचक वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को हिलाकर रख दिया है। दिक्कत यह भी है कि हमारे शेयर बाजार की गिरावट की मुख्य वजह चूंकि वैश्विक हालात हैं, इसलिए वित्त मंत्री ढाढस बंधाने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकते। शुक्रवार को वित्त मंत्री प्रणवऔरऔर भी
वैसे तो नाम में कुछ नहीं रखा। लेकिन जानकर आश्चर्य हुआ कि अनिल नाम की भी एक नहीं, दो लिस्टेड कंपनियां हैं। इनमें से एक है अनिल लिमिटेड जिसका नाम करीब साल भर पहले 22 सितंबर 2010 तक अनिल प्रोडक्ट्स लिमिटेड हुआ करता था। अहमदाबाद की कंपनी है। किसी समय इसका वास्ता अरविंद मिल्स वाले लालभाई समूह से हुआ करता था। अब नहीं है। 1939 में कॉर्न वेट मिलिंग के धंधे से शुरुआत की थी। अब तमामऔरऔर भी
सरकार को माई-बाप और सरकारी अफसर को मालिक समझने की मानसिकता जब तक नहीं जाती, तब तक पांच के बजाय अगर हर साल चुनाव होने लग जाएं, तब भी देश में सच्चा लोकतंत्र नहीं आ सकता।और भीऔर भी
हॉलैंड की वित्तीय सेवा कंपनी एगॉन बहुत समय से पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी से गुजारिश कर रही थी कि भारत में उसके एगॉन म्यूचुअल फंड का लाइसेंस रद्द कर उसे मुक्ति दे दी जाए। सेबी ने गुरुवार को उसकी यह गुजारिश पूरी कर दी। सेबी ने उनका पंजीकरण रद्द कर दिया है और कहा है कि एगॉन भारत में म्यूचुअल फंड का धंधा अब नहीं कर सकती। हालांकि यह महज एक कागजी खानापूर्ति या औपचारिकता हीऔरऔर भी
खाद्य मुद्रास्फीति की दर 6 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान थोड़ा घटकर 9.03 फीसदी पर आ गई। इससे ठीक पिछले हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की यह दर 9.90 फीसदी थी। लेकिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि 9 फीसदी से ऊपर चल रही खाद्य मुद्रास्फीति स्वीकार्य नहीं है। हालांकि आगे इससे कुछ राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि 9 फीसदीऔरऔर भी
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई है कि उनका देश विज्ञान और गणित के क्षेत्र में तेजी से भारत और चीन जैसे देशों से पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से इन क्षेत्रों में अमेरिका को तुलनात्मक रूप से बढ़त हासिल थी, लेकिन अब वह भारत और चीन जैसे देशों से पिछड़ता जा रहा है। अमेरिका के ग्रामीण इलाकों की तीन दिन की बस यात्रा के समापन के बादऔरऔर भी
अमेरिका की ऋण सीमा का बवाल भले ही इस महीने उठा हो और स्टैंडर्ड एंड पुअर्स ने उसकी रेटिंग दो हफ्ते घटा दी हो, लेकिन दुनिया भर के देश दो महीने पहले से ही अमेरिकी बांडों में अपना निवेश घटाने लगे हैं। मई में जहां दुनिया के तमाम देशों ने अमेरिकी बांडों में 4516 अरब डॉलर लगा रखे थे, वहीं जून में उनका निवेश घटकर 4499.2 अरब डॉलर रह गया। लेकिन इस दौरान चीन व ब्रिटेन जैसेऔरऔर भी
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