चलेगा थोड़ा कम
आदर्श हालात या आदर्श अवसर जैसी कोई चीज व्यवहार में नहीं होती। जो इसकी बाट जोहते हैं, वे मंजिल तक पहुंचना तो दूर, चल ही नहीं पाते। इसलिए थोड़ा कम की आदत डाल लेना ही सही है।और भीऔर भी
आदर्श हालात या आदर्श अवसर जैसी कोई चीज व्यवहार में नहीं होती। जो इसकी बाट जोहते हैं, वे मंजिल तक पहुंचना तो दूर, चल ही नहीं पाते। इसलिए थोड़ा कम की आदत डाल लेना ही सही है।और भीऔर भी
हर विचारधारा की उम्र होती है। किसी की कम तो किसी की थोड़ी ज्यादा। इसके बाद स्वार्थों के पैमाने में कसकर वे अपना सारतत्व खो देती हैं। इसीलिए पुरानी को तोड़ नई विचारधाराएं आती रहती हैं।और भीऔर भी
छुटपन में मां, फिर बाप और फिर शरीर ही हमारा खेवैया होता है। इसे शराब के क्षार, धूम्रपान व तंबाकू की घुटन और भोजन की अशुद्धता से अस्थिर रखेंगे तो वह सहजता से कैसे हमारा ख्याल रख पाएगा!और भीऔर भी
रिजर्व बैंक एक तरफ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की सेहत को लेकर परेशान है, वहीं हमारे बैंक इस क्षेत्र को जमकर कर्ज रहे हैं। रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश के वाणिज्यिक बैंकों ने जुलाई 2011 में एनबीएफसी को पिछली जुलाई की तुलना में 55.6 फीसदी ज्यादा कर्ज दिया है, जबकि पिछली बार इस क्षेत्र को दिए गए कर्ज में वृद्धि केवल 10.9 फीसदी थी। एनबीएफसी को दिए गए बैंक ऋण की मात्रा इस समयऔरऔर भी
राजस्थान में विकास से संबंधित 29 परियोजनाएं केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में मंजूरी के लिए अटकी पड़ी हैं। पर्यावरण व वन राज्यमंत्री जयंती नटराजन ने राज्य सभा में खुद बताया कि 30 जून 2011 तक राजस्थान की सिंचाई, बिजली, खनन व भवन निर्माण जैसे क्षेत्रों की कुल 29 परियोजनाएं मंत्रालय में पर्यावरणीय मंजूरी के लिए लंबित हैं। मंगलवार को उन्होंने एक लिखित उत्तर में बताया कि राजस्थान सरकार की कुल 121 विकास संबंधी परियोजनाओं को पर्यावरण व वनऔरऔर भी
केंद्र सरकार ने अनाजों के भंडारण में निजी क्षेत्र को खींचने के लिए ऐसी योजना चला रखी है जिसके तहत भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) उनके गोदामों को दस साल तक किराए पर लेने की गारंटी दे रहा है। उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री के वी थॉमस ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने सोमवार को बताया कि उनके मंत्रालय ने ढके हुए भंडारण गोदामों के निर्माण व भंडारण में कवर व पिलिंथ (सीएपी)औरऔर भी
देश की आर्थिक विकास दर जून तिमाही में पिछली छह तिमाहियों में सबसे कम रही है। फिर भी यह सबसे ज्यादा आशावादी अनुमान से भी बेहतर है। इसीलिए शेयर बाजार पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर कम रहने का असर नहीं पड़ा और वह करीब 1.6 फीसदी बढ़ गया। हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने जून तिमाही की विकास दर को निराशाजनक करार दिया है। मंगलवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी
पीआई इंडस्ट्रीज के बारे में जब हमने छह महीने पहले पहली बार यहां लिखा था, तब कंपनी एक कसमसाहट के दौर से गुजर रही थी। पॉलिमर इकाई को बेचकर वह खुद को ट्रिम व स्लिम बनाने में लगी थी। तब उसके दस रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 526.55 रुपए था। अब उसके पांच रुपए अंकित मूल्य के शेयर का भाव 582.55 रुपए है। दस रुपए का अंकित मूल्य मानें तो भाव हुआ 1165.10 रुपए। छहऔरऔर भी
जब हम किसी के काम की तारीफ करते हैं तो परोक्ष रूप से उसे जिम्मेदार बनाते हैं। उसे लगता है कि एक गलत कदम भी दूसरों का भरोसा तोड़ सकता है। इसलिए वह बराबर सतर्क व सावधान रहता है।और भीऔर भी
इस्पात उद्योग कुछ भी कहे, लेकिन इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा की मानें तो लौह अयस्क निर्यात करना हमारी मजबूरी है क्योंकि हमारा लौह अयस्क उत्पादन घरेलू खपत का लगभग दोगुना है। जैसे, 2010-11 में देश मे इसकी कुल खपत 11.14 करोड़ टन थी, जबकि उत्पादन 20.811 करोड़ टन था। 2008-09 में तो लौह अयस्क का उत्पादन 21.296 करोड़ टन था, जबकि खपत मात्र 8.74 करोड़ टन ही थी। मंत्री महोदय ने बताया कि मौजूदा नीति केऔरऔर भी
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