म्यूचुअल फंड इक्विटी के बजाय बांड भी ज्यादा धन लगा रहे हैं। एनपीए के बोझ से दबे बैंक भी बिगड़े माहौल में शेयर बाज़ार में निवेश से दूर हैं। फिर आखिर कौन-सी देशी संस्थाएं हैं जो बाज़ार में निवेश बढ़ा रही हैं? जानकारों की मानें तो पिछले कुछ महीनों में शेयर बाज़ार में अधिकांश खरीद एलआईसी ने की है। स्वेच्छा नहीं, बल्कि सरकार के दबाव में। सरकार ने उसको मोहरा बना रखा है। अब शुक्रवार का अभ्यास…
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