सामाजिक सरोकार से दूर-दूर तक नाता न रखनेवाला रिलायंस समूह अगर ग्रामीण बुनियादी ढांचा विकसित करने से भाग खड़ा हो तो कोई बात नहीं, लेकिन टाटा जैसा समूह रुचि न दिखाए तो आश्चर्य होता है। लेकिन हुआ यही। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के गांवों में शहरों जैसी सुविधाएं मुहैया कराने के सपने को हकीकत में बदलने की कवायद में ग्रामीण विकास मंत्रालय जुट गया है। 248 करोड़ रुपए का पायलट प्रोजेक्ट जनवरी 2011 में चालू होऔरऔर भी

मैंने कल ही आवेगी शेयरों से बचने की सलाह दी थी। आईएफसीआई आज इसका पहला शिकार हो गया। सरकार ने कहा है कि वो इससे लिए बांडों को इक्विटी में बदल देगी। इसका मतलब यह हुआ कि सरकार को आईएफसीआई के 52 करोड़ अतिरिक्त शेयर मिल जाएंगे। 520 करोड़ रुपए का यह निवेश इसकी 737.84 करोड़ रुपए की मौजूदा इक्विटी का लगभग 70 फीसदी है। जाहिर है कि इक्विटी बढ़ जाने के बाद कंपनी का मूल्यांकन अभीऔरऔर भी

मुझे पहले से आभास था और अब मैं सुन भी रहा हूं कि रिलांयस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) अपने 4 करोड़ ट्रेजरी शेयर (बगैर वोटिंग अधिकार वाले शेयर) 1098 रुपए के भाव से बेचेगी और हो सकता है कि ऐसा कल सुबह ही हो जाए। इससे बाजार में चहक बनी रह सकती है। बाजार अब गति पकड़ रहा है क्योंकि पहली तिमाही के लगभग सारे नतीजे जा चुके हैं और बस पूंछ बाकी रह गई है। अगला आवेग यहऔरऔर भी

नए सेटलमेंट का पहला ही दिन। और, एचसीसी ने सबको चौंका कर रख दिया। अभी एचसीसी में और भी चौंकानेवाली खबरें आनेवाली हैं। सोचिए इस स्टॉक को हमने तब उठाया, जब कहीं इसकी चर्चा ही नहीं थी। अब कंपनी ने अच्छे नतीजों के साथ-साथ एक पर एक बोनस शेयर देने की घोषणा भी कर दी है। वैसे, आपकी उम्मीद यही थम सकती है। लेकिन हमारे लिए यह अगले पांच महीनों तक आकर्षण का केंद्र बना रहेगा क्योंकिऔरऔर भी

देश की सबसे बड़ी निजी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से थोड़े बेहतर रहे हैं। विश्लेषकों ने जून में खत्म तिमाही में शुद्ध लाभ का अनुमान 4830 करोड़ रुपए लगाया था, लेकिन कंपनी ने 4851 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हासिल किया है जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के शुद्ध लाभ 3666 करोड़ रुपए से 32.32 फीसदी अधिक है। इस दौरान कंपनी का टर्नओवर 32,441 करोड़ रुपए से 88.05 फीसदी बढ़करऔरऔर भी

हाल-फिलहाल मुझे नहीं लगता कि बाजार बहुत तेजी से दौड़ लगाता हुआ निफ्टी में 5500 का स्तर हासिल कर लेगा। हालांकि 5400 और 5430 का स्तर जल्दी ही पाया जा सकता है। असल में यह सुदृढ़ीकरण या साफ शब्दों में कहें तो बाजार द्वारा खुद को दुरुस्त करने, जमाने का दौर है। बाजार आगे बढ़ने के बजाय जहां-तहां छूट गई खाली जगहों को भरकर अपने को सजो रहा है। अगले चार हफ्तों में अलग-अलग शेयरों में सक्रियताऔरऔर भी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास इस समय 21,874 करोड़ रुपए कैश या बैंकों के एफडी, सीडी (सर्टीफिकेट ऑफ डिपॉजिट) और सरकारी प्रतिभूतियों व बांडों के रूप में हैं। इसमें से कैश व बैंक बैलेंस 13,462 करोड़ रुपए का है। कंपनी के ऊपर इस समय कुल 62,495 करोड़ रुपए का कर्ज है। उसका कुल टर्नओवर मार्च 2010 में खत्म वित्त वर्ष में 2,00,400 करोड़ रुपए रहा है जिस पर उसने 16,236 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। कंपनीऔरऔर भी

भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) के मुताबिक वे अगले साल फरवरी तक वह विशेष ऑडिट पूरा कर लेंगे जिसमें रिलायंस इडस्ट्रीज द्वारा देश के सबसे बड़े गैस फील्ड पर किए गए खर्चों का अंकेक्षण किया जा रहा है। सीएजी विनोद राय से सोमवार को मुंबई में संवाददाताओं को यह जानकारी दी। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज पर आरोप है कि उसने गैस फील्ड की लागत को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। कंपनी ने इस खर्च कोऔरऔर भी

रिलायंस के औद्योगिक साम्राज्य के बंटवारे से मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी के व्यावसायिक ही नहीं, पारिवारिक रिश्तों में आई दरार भी अब मिटने लगी है। दोनों भाई सायास इसकी कोशिश में लगे हैं। इस बात का अंदाजा दोनों परिवारों की हाल की दक्षिण अफ्रीका यात्रा के दौरान साथ-साथ बिताए लमहों से लगाया जा सकता है। समाचार एजेंसी ‘भाषा’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते हफ्ते मुकेश और अनिल अंबानी ने अपने.अपने परिवारों के साथ दक्षिण अफ्रीकाऔरऔर भी

अनिल अंबानी और बड़े भाई मुकेश अंबानी के रिश्तों में आई कड़वाहट तेजी से मिटती नजर आ रही है। इसकी ताजातरीन कड़ी यह है कि अनिल ने मुकेश अंबानी के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर 10,000 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा वापस ले लिया है। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के प्रवक्ता के इस बात की पुष्टि की और कहा कि 10,000 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग करनेवाला मुकदमा आज, मंगलवार को वापस ले लिया गया।औरऔर भी