निश्चित अनिश्चितता
जिंदगी में अनिश्चितता है तो बदलाव भी शाश्वत है। फिर भी हम निरंतर निश्चितता व स्थायित्व की तलाश में लगे रहते हैं। हमारी चाहत व हकीकत के बीच संघर्ष निरंतर चलता है। तभी एक दिन हम निश्चित मृत्यु तक पहुंचकर मिट जाते हैं।और भीऔर भी
कोरे लफ्फाज़ हैं वो
जो लोग सच को सूत्रों में फिट करते हैं, वर्तमान को पूरी जटिलता के साथ समझे बगैर ही बदलने की बात करते हैं, वे कोरे लफ्फाज़ हैं, क्रांतिकारी नहीं। वे समाज की चक्रवाती भंवर से निकले झाग हैं। उनसे किसी सार्थक काम की उम्मीद बेमानी है।और भीऔर भी
गुनना ज़रूरी
अच्छी बातें किसी गाड़ी के विज्ञापित माइलेज की तरह होती हैं जो आदर्श स्थितियों में ही लागू होती हैं। उन्हें अपनी हकीकत से न मिलाया जाए तो वे महज बातें ही रह जाती हैं। इसलिए ज़िंदगी में पढ़ने व सुनने से ज्यादा गुनना जरूरी है।और भीऔर भी
कांच नहीं, आईना
कांच बनने से क्या फायदा? जो जैसा आता है, वैसा ही निकल जाता है। बनो तो कम से कम आईना बनो, जिसमें दूसरे अपनी शक्ल देख सकें। सबसे अच्छा तो यह है कि प्रिज्म बनो जिससे निकलकर प्रकाश के सातों रंग अलग-अलग हो जाते हैं।और भीऔर भी
यथार्थ को लात
यथास्थिति को मानो मत। उसे चिंदी-चिंदी करने के लिए लड़ो। इसलिए नहीं कि हम नकारवादी या आस्थाहीन हैं, बल्कि इसलिए कि हमें मानवीय क्षमता पर अगाध आस्था है; हमारी दृढ़ मान्यता है कि हालात को बेहतर बनाया जा सकता है।और भीऔर भी
अनिल की कंपनी पर कृपा मुकेश की!
आपको कतई यकीन नहीं है कि निफ्टी बढ़कर 5500 तक पहुंच जाएगा। फिर भी मेरी दृढ़ मान्यता है कि ऐसा होकर रहेगा और हम उसे 5480 या 5500 तक पहुंचा हुआ जरूर देखेंगे। मेरी दृढ़ता और पुष्ट हो गई, जब निफ्टी फ्यूचर्स आज ऊपर में 5454 तक जाने के बाद 5452.20 पर बंद हुआ। कैश सेगमेंट में निफ्टी 5428.05 तक जाने के बाद 0.48 फीसदी की बढ़त लेकर 5416.05 पर बंद हुआ है। आप सब लोगों कीऔरऔर भी




