अमेरिका अपने शेयर बाजारों में जारी गिरावट को रोकने के लिए शॉर्ट सेलिंग पर बैन लगा सकता है। असल में बराक ओबामा की सरकार अंदर ही अंदर मानती है कि स्टैंडर्ड एंड पुअर्स (एस एंड पी) की तरफ से डाउनग्रेड किया जाना विशुद्ध रूप से आर्थिक नहीं, बल्कि राजनीतिक कदम है। इसलिए इसके पीछे काम कर रही लॉबी को बेअसर करना जरूरी है। सूत्रों के मुताबिक एस एंड पी के इस कदम को बदले की कार्रवाई भीऔरऔर भी

प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निवेश फर्म गोल्मैन सैक्श ने भारत की रेटिंग बढ़ाकर ‘मार्केट वेट’ कर दी है। पिछले साल से अभी तक उसने भारत को इससे कम ‘अंडर वेट’ की श्रेणी में रखा हुआ था। रेटिंग बढ़ाने का मतलब यह हुआ कि भारतीय शेयर बाजार को लेकर उसकी धारणा में हाल-फिलहाल थोड़े समय के लिए तेजी की हो गई है। गोल्डमैन सैक्श ने रेटिंग बढ़ाने की वजह कच्चे तेल में आ रही गिरावट और नीतिगत सुधारों पर सरकारऔरऔर भी

हमारे देश में कुछ चीजें इतनी महीन तरीके से हो जाती हैं कि किसी को आभास ही नहीं होता कि इसमें कुछ गड़बड़ भी है। जैसे, बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना जारी कर तय कर दिया कि कंपनियों द्वारा जारी किए जानेवाले एक साल तक के अपरिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) में न्यूनतम निवेश 5 लाख रुपए का होगा। इसके बाद यह निवेश एक-एक लाख करके बढ़ाया जा सकता है। हालांकि यह नियम एनसीडी के प्राइवेटऔरऔर भी