महाराष्ट्र में प्याज निर्यात एक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा था। खासकर नासिक के किसान निर्यात पर प्रतिबंध का विरोध कर रहे थे। इससे डर कर केंद्र सरकार ने 11 दिनों के भीतर ही प्याज के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का फैसला वापस ले लिया है। बता दें कि रिटेल बाजार में प्याज की कीमत 25 रुपए किलोग्राम पर पहुंचने के बाद सरकार ने इसी महीने 9 सितंबर को प्याज निर्यात पर रोक लगा दी थी। मंगलवारऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी बुधवार 21 सितंबर की सुबह अमेरिका की पांच दिन की यात्रा पर निकल रहे हैं। इस दौरान विदेशी निवेशकों व उद्योगपतियों से बातचीत के अलावा वे विश्व बैंक व अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) की सालाना बैठकों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वहां ब्रिक्स देशों (ब्राजील, भारत, चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका) के वित्त मंत्रियों की एक बैठक भी होगी। साथ ही जी-24 की अध्यक्षता भारत को सौंपी जाएगी। वित्त मंत्री शनिवार 25 सितंबर को अमेरिकाऔरऔर भी

वित्त मंत्रालय से लेकर पूरी सरकार को चिंता सताए जा रही है कि कहीं ब्याज दरें बढ़ने से देश की आर्थिक व औद्योगिक विकास दर और धीमी न पड़ जाए। इसलिए वे चाहते थे कि ब्याज दरें अब न बढ़ाई जाएं। लेकिन ऊपर-ऊपर मंत्री से लेकर सलाहकार तक रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने का समर्थन कर रहे हैं। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को रेपो व रिवर्स रेपो दरों में 0.25 फीसदीऔरऔर भी

खाद्य वस्तुओं के साथ मैन्यूफैक्चर्ड चीजों की महंगाई से थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर अगस्त में 9.78 फीसदी हो गई है। वित्त मंत्री का कहना है कि सरकार और रिजर्व बैंक मिलकर बढ़ती मुद्रास्फीति से निपट लेंगे। वित्त मंत्री की राय में देश में ऊंची मुद्रास्फीति का मुख्य कारण वैश्विक बाजार का दबाव है। मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब है। स्थिति पर सरकार कीऔरऔर भी

यूरोप सहित तमाम विकसित देशों में गहराते वित्तीय संकट और घरेलू अर्थव्यवस्था की मंद पड़ती रफ्तार से चिंतित वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को वैश्विक समुदाय का आह्‍वान करते हुए कहा कि हमें धैर्य नहीं खोना चाहिए और स्थिति से मिलकर निपटना होगा। दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंधों के शोध से जुडी भारतीय परिषद (आईसीआरआईईआर) के एक सम्मेलन के दौरान उन्होंने अलग से कहा कि लगातार निराशाजनक समाचार मिल रहे हैं। पहले हमें औद्योगिक उत्पादन सूचकांकऔरऔर भी

वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी का मानना है कि हमारे यहां मुद्रास्फीति की एक वजह विकसित देशों की नीतियां हैं। उन्होंने बुधवार को राजधानी दिल्ली में बैंक ऑफ इंडिया के 106वें स्‍थापना दिवस समारोह में कहा, “भारत मुद्रास्फीति की जैसी चुनौती का सामना कर रहा है, उसकी आंशिक वजह विकसित देशों द्वारा अपने संकट से निपटने के लिए अपनाई गई नीतियां हैं।” वित्त मंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति को थामने की प्रतिबद्धता में हमें ब्याज दरें बढ़ानी पड़ीऔरऔर भी

देश की आर्थिक विकास दर जून तिमाही में पिछली छह तिमाहियों में सबसे कम रही है। फिर भी यह सबसे ज्यादा आशावादी अनुमान से भी बेहतर है। इसीलिए शेयर बाजार पर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की विकास दर कम रहने का असर नहीं पड़ा और वह करीब 1.6 फीसदी बढ़ गया। हालांकि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने जून तिमाही की विकास दर को निराशाजनक करार दिया है। मंगलवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिकऔरऔर भी

अगर भारत इसी तरह बढ़ता रहा और आर्थिक ताकत हासिल करता रहा तो हम दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए स्थिरता का स्रोत बन सकते हैं और बेचैन भटक रही वैश्विक पूंजी का सुरक्षित ठिकाना बन सकते हैं। यह आशा जताई है वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने। उन्होंने सोमवार को राजधानी दिल्ली में भारतीय आर्थिक सेवा के स्वर्ण जयंती समारोह में यह बात कही। वित्त मंत्री ने कहा कि आज जैसी वैश्विक जिम्मेदारी है, भारत के ऊपर पिछलेऔरऔर भी

एक तरफ केंद्र की यूपीए सरकार अण्णा हज़ारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को न संभाल पाने से परेशान हैं, दूसरी तरफ शेयर बाजार की गिरावट व पस्तहिम्मती ने सरकार के प्रमुख कर्णधार व संकटमोचक वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी को हिलाकर रख दिया है। दिक्कत यह भी है कि हमारे शेयर बाजार की गिरावट की मुख्य वजह चूंकि वैश्विक हालात हैं, इसलिए वित्त मंत्री ढाढस बंधाने के अलावा कुछ कर भी नहीं सकते। शुक्रवार को वि‍त्‍त मंत्री प्रणवऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति की दर 6 अगस्त को समाप्त सप्ताह के दौरान थोड़ा घटकर 9.03 फीसदी पर आ गई। इससे ठीक पिछले हफ्ते में थोक मूल्य सूचकांक आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की यह दर 9.90 फीसदी थी। लेकिन वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि 9 फीसदी से ऊपर चल रही खाद्य मुद्रास्फीति स्वीकार्य नहीं है। हालांकि आगे इससे कुछ राहत मिल सकती है। वित्त मंत्री ने गुरुवार को राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि 9 फीसदीऔरऔर भी