खाद्य मुद्रास्फीति की दर 5 नवंबर को खत्म सप्ताह में घटकर 10.63 फीसदी पर आ गई है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसे अच्छा संकेत बताते हुए कहा है कि अगर यही रुख जारी रहा तो आम आदमी को कुछ राहत मिल सकती है। थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति इससे पिछले सप्ताह 11.81 फीसदी थी। पिछले साल इसी अवधि में इसकी दर 11.41 फीसदी थी। मुखर्जी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, “अगर खाद्यऔरऔर भी

अभी आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन समारोह को बीते दो दिन ही हुए हैं कि कांग्रेस आलाकमान और नेहरू परिवार की मुखिया सोनिया गांधी के खासमखास केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के लिए नेहरू द्वारा अपनाई गई नीतियों को जिम्मेदार ठहरा दिया। श्री मुखर्जी ने बुधवार को भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी या कैग) के 150वें वर्ष के समारोह की समाप्ति पर अपने संबोधन में कहा,औरऔर भी

अक्टूबर माह में सकल मुद्रास्फीति की दर उम्मीद से बदतर ही रही है। माना जा रहा था कि शायद इसमें कुछ कमी आएगी। लेकिन सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 9.73 फीसदी रही है। यह सितंबर में 9.72 फीसदी थी। नोट करने की बात है कि लगातार पिछले ग्यारह महीनों से मुद्रास्फीति की दर नौ फीसदी से ज्यादा चल रही है।औरऔर भी

एक हाथ जब दूसरे हाथ की ही फजीहत करने लग जाए तो इसे आप क्या कहेंगे? लेकिन अपनी सरकार का यही हाल है। एक तरफ रिजर्व बैंक महंगाई रोकने के लिए अपनी तरफ से हरसंभव उपाय किए जा रहा है, दूसरी तरफ वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु कह रहे हैं कि रिजर्व बैंक ने महंगाई रोकने के लिए परंपरागत किताबी उपायों को ही आजमाया है। इसलिए ये उपाय काम नहीं आए। मजे की बातऔरऔर भी

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पेट्रोल की कीमतों में हाल की वृद्धि का मुद्रास्फीति पर कुछ असर पड़ेगा। सकल मुद्रास्फीति दहाई अंक के करीब पहंच चुकी है। उन्होंने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि निश्चित रूप से मुद्रास्फीति पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ेगा। लेकिन तेल कीमतें ऊपर जा रही है और पेट्रोल नियंत्रण-मुक्त है। यह पूछे जाने पर कि कीमत वृद्धि को लेकर सरकार की सहयोगी दलों को अंधेरे में क्यों रखाऔरऔर भी

पेट्रोल की बढ़ती कीमत को लेकर सरकार के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस का गुस्‍सा सातवें आसमान पर आ गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बरसते हुए कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सरकार में मंत्रालयों के लिए आम आदमी पर बोझ बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस बहुमत में हैं इसलिए उनकी बात अनसुनी की जाती है। ममता ने यहऔरऔर भी

मुद्रास्फीति के सामने जैसी फजीहत सरकार की हो रही है, वैसी तो विपक्ष के सामने भी नहीं हो पाती। सरकार व रिजर्व बैंक की मशक्कत और अच्छे मानसून के बावजूद खाद्य मुद्रास्फीति की दर 22 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 12.21 फीसदी पर पहुंच गई। दिवाली 26 अक्टूबर को थी। लेकिन हमारे वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की ढिठाई तो देखिए जो कह रहे हैं कि कीमतों में यह तेजी त्यौहारी सीजन के चलते आई है क्योंकि इसऔरऔर भी

यूरोज़ोन एक ऐतिहासिक परियोजना है। भारत चाहता है कि यूरोज़ोन फले-फूले क्‍योंकि यूरोप की खुशहाली में ही हमारी खुशहाली है। यह कहना है कि हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। फ्रांस में पर्यटन के लिए मशहूर रिविएरा इलाके के सबसे अच्छे शहर कान में हो रहे रहे जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले बुधवार को प्रधानमंत्री ने यह बात कही। दो दिन का यह सम्मेलन गुरुवार-शुक्रवार (3-4 नवंबर) को होना है। जर्मन चांसलर एंजेला मैर्केल,औरऔर भी

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के नियंत्रक लेखा परीक्षक (सीजीए) ने एक पूरी तरह से सुरक्षित सरकारी ई-भुगतान प्रणाली विकसित की है। इससे कोई भी सरकारी भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंच जाएगा। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी सोमवार, 31 अक्टूबर को इस सेवा का उद्घाटन करेंगे। सरकारी ई-भुगतान गेटवे एक पोर्टल है जिसके माध्यम से सुरक्षित तरीके से लाभार्थियों के खाते में ऑनलाइन भुगतान किया जा सकेगा। यह गेटवे कागज रहित लेन-देन, कारोबारी लागत को कमऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति के दहाई अंक में पहुंचने के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने माना है कि इसकी मुख्य वजह मांग का बढना नहीं है, बल्कि सप्लाई की कमी है। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति में लगातार तेजी की मुख्य वजह खाद्य आपूर्ति की बाधाएं हैं और हमें देखना होगा कि हम इन्हें कैसे दूर सकते हैं। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को विजया बैंक के 81वें स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद दौरान मुखर्जी नेऔरऔर भी