इस देश का हाल अजीब है जहां कश्मीर कैश्मीर हो जाता है और अंतरिक्ष एंट्रिक्स। खैर, अंतरिक्ष व निजी कंपनी देवास के बीच हुए करार के मुद्दे पर अपने खिलाफ की गई कार्रवाई से आहत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन जी माधवन नायर ने इस कदम के पीछे अंतरिक्ष एजेंसी के मौजूदा चेयरमैन के राधाकृष्णन का हाथ होने का आरोप लगाया है। बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने नायर और तीन अन्यऔरऔर भी

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कडा रूख अख्तियार करते हुए कहा है कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में घपला करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन को साफ-सुथरा करने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास करेगी। गुरुवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा पर जवाब देते हुए सिंह ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीएऔरऔर भी

सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और एंट्रिक्स व निजी फर्म देवास मल्टीमीडिया के बीच हुए एस-बैंड स्पेक्ट्रम के विवादास्पद करार को रद्द कर दिया है। आज, गुरुवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में यह फैसला लिया गया। यह फैसला अंतरिक्ष आयोग की संस्तुति के आधार पर किया गया है। गुरुवार को सीसीएस की बैठक खुद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई। प्रधानमंत्री ने कल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संपादकों से साथऔरऔर भी

लेफ्ट पार्टियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और एक निजी कंपनी के बीच हुए करार को ‘नया घोटाला’ करार दिया है और इस मामले की गंभीरता से जांच किए जाने की मांग की है। खबरों के मुताबिक इसरो ने बिना कोई निविदा प्रक्रिया अपनाए एस-बैंड का दुर्लभ स्पेक्ट्रम एक निजी कंपनी को आवंटित कर दिया है। सीपीएम के पॉलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने राजधानी दिल्ली में संवाददाताओं के बताया, “यह एक नया मसला है। इसरोऔरऔर भी