भारत के लोगों में भले ही अमेरिका के दुग्ध उत्पादों को लेकर तमाम सांस्कृतिक और धार्मिक आपत्तियां हों, लेकिन अमेरिका ने भारत के भारत के डेयरी बाजार में घुसने का इराद नहीं छोड़ा है। वॉशिंगटन से जारी समाचार के अनुसार, अमेरिका के कृषि के मंत्री टोम विलसाक ने मुक्त व्यापार व्यवस्था पर एक संसदीय समिति के समक्ष सुनवाई के दौरान कहा कि भारतीय दुग्ध उत्पाद बाजार को खुलवाने का मुद्दा को पिछले साल अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामाऔरऔर भी

बाजार का जो भी खेल है, यहां अपग्रेड और डाउनग्रेड गलत वक्त पर होते हैं। हमने एसकेएस माइक्रो फाइनेंस को 800 रुपए पर डाउगग्रेड किया था और अब देखिए उसका हश्र क्या है। हमने एसबीआई को 3500 रुपए पर डाउनग्रेड किया था, बाजार अब कर रहा है। हमने मुथूत फाइनेंस के बारे में नकारात्मक राय रखी और लिस्टिंग पर उसका हाल-बेहाल सामने आ गया. है। हमें यकीन है कि यह स्टॉक घटकर 123 रुपए तक आ जाएगाऔरऔर भी

हमारी संसदीय बहसों में प्रधानमंत्री की भागीदारी घटती जा रही है। यहां तक कि सीधे उनको संबोधित सवालों का जवाब भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का राज्य मंत्री देता है। लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं है। वहां हर बुधवार की सुबह प्रधानमंत्री पर संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स में सवालों की बौछार कर दी जाती है। सवाल इतने बेलाग व तीखे होते हैं कि प्रधानमंत्री को उनका साफ-साफ उत्तर देना पड़ता है। पूरे सत्र का सीधाऔरऔर भी

दुनिया में एक अरब डॉलर (लगभग 4500 करोड़ रुपए) से ज्यादा की संपत्ति वाले अमीरों की सूची में शामिल 55 भारतीयों में से 26 वैश्य समुदाय के हैं। वैश्य समुदाय भारत की आबादी का बमुश्किल एक फीसदी है। राज्यों के हिसाब से देखें तो 16 राजस्थानी और 13 गुजराती हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, व उड़ीसा से इस सूची में कोई नहीं है। सूची में 10 लोग दक्षिण भारत के हैं जिनमें से पांचऔरऔर भी

विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया की स्थिति 16वीं व 17वीं सदी जैसी होने जा रही है। तब विश्व अर्थव्यवस्था में एशिया का योगदान 60 फीसदी के आसपास था। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अब भारत, चीन और जापान के बीच आर्थिक सहयोग में मजबूती की उम्मीद करते हुए अनुमान जताया है कि वर्ष 2050 तक दुनिया के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में एशिया का योगदान 50 फीसदी से अधिक हो जाएगा। एडीबी ने कहा कि बेहतर परिदृश्य मेंऔरऔर भी

स्टील बनाने का मुख्य कच्चा माल आइरन ओर है। लेकिन देश में स्टील का उत्पादन मांग से कम होने के बावजूद हम आइरन ओर का जमकर निर्यात करते हैं। यहां तक कि भारत दुनिया में आइरन ओर का तीसरा सबसे बड़ा निर्यातक देश है। इस्पात मंत्रालय की तरफ से दी गई अद्यतन जानकारी के अनुसार अप्रैल-दिसम्‍बर 2010 के दौरान देश में 464.40 लाख टन स्टील घरेलू इस्‍तेमाल के लिए उपलब्‍ध था, जबकि इसकी मांग 518 लाख टनऔरऔर भी

आर्थिक सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स) एक दूसरे को अपनी स्थानीय मुद्रा में कर्ज और अनुदान के लेनदेन पर सहमत हो गए हैं। ब्रिक्स देशों के बीच इस आशय के एक समझौते में चीन के शहर सान्या में हस्ताक्षर किए गए। इस पहल को अमेरिकी मुद्रा डॉलर पर निर्भरता और उसके वर्चस्व को घटाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समझौतेऔरऔर भी

ब्रिक देश (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) अब उभरते बाजार नहीं रह गए हैं बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था के लिये ‘वृद्धि बाजार’ बन गए हैं। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन शैक्स के चेयरमैन (संपत्ति प्रबंधन) जिम ओ नील ने बीजिंग में यह बात कही है। दस साल पहले जिम ओ नील ने ही इन देशों के लिए उभरता बाजार शब्द का उपयोग किया था। ब्रिक्स शिखर बैठक से पूर्व ओ नील ने चाइना डेली को दिए गए साक्षात्कार में कहा,औरऔर भी

भारत ने छह सालों से भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संधि को हस्ताक्षर करने के बावजूद लटका रखा है, यह बात मीडिया में उजागर होते ही वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। सोमवार को चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता मे उन्होंने मीडिया को बताया कि भारत जल्दी 2005 में हस्ताक्षर की गई इस संधि का अनुमोदन कर देगा। इस बीच चुनावी माहौल के बीच वित्त मंत्री मुखर्जी बीजेपी पर बढ़-चढ़कर हल्ला बोलतेऔरऔर भी

भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मामले में चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे आकर्षक गंतव्य बना हुआ है। जानीमी निवेश फर्म नोमुरा इंडिया ने कहा है कि देश में एफडीआई में जो गिरावट आई है, वह अस्थाई है और 2012 के शुरू में यहां विदेशी निवेश का स्तर एक बार फिर संकट से पहले की स्थिति में पहुंच जाएगा। बीते वित्त वर्ष 2010-11 में अप्रैल से जनवरी के दौरान साल दर साल आधार पर भारतऔरऔर भी