जिसका अंदेशा था, वैसा ही हुआ। फेसबुक ने एक दिन पहले ही चेतावनी दी थी कि घनेरों महंगे मुकदमों में हारने पर उसे मजबूरन अपना कामकाज बंद करना पड़ सकता है। वस्तुस्थिति का तो पता नहीं। लेकिन मंगलवार को सुबह से कई घंटों तक ये जबरदस्त लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग साइट डाउन प़ड़ी रही। इस बीच ताजा घटनाक्रम में इंटरनेट सर्च इंजन याहू ने फेसबुक के ख़िलाफ़ बौद्धिक संपदा के उल्लंघन का मुक़दमा भी दायर कर दिया है।औरऔर भी

धंधा करनेवालों से कभी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता या लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसे साबित कर दिया है इंटरनेट की दुनिया की दो दिग्गज हस्तियों गूगल और फेसबुक ने। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सर्च इंजिन गूगल और सोशल नेटवर्किंग फर्म फेसबुक ने कोर्ट द्वारा ‘चीन जैसी कार्रवाई’ की चेतावनी मिलने के बाद भारतीय डोमेन की वेबसाइटों ने कुछ ‘आपत्तिजनक’ सामग्री हटा ली है। ये दोनों उन 21 कंपनियोंऔरऔर भी

गूगल ने तय किया है कि वह भारत में इंटरनेट के इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए छोटे व मध्यम उद्यमों को मुफ्त में वेबसाइट उपलब्ध कराएगा। मुफ्त वेबहोस्टिंग उपलब्ध कराने में होस्टगेटर गूगल की पार्टनर का काम करेगी। आप सभी जानते ही हैं कि गूगल इस समय सर्च व ई-मेल से लेकर इंटरनेट पर विभिन्न सेवाओं की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। यहां तक कि सर्च करने के लिए लोग गूगल करना कहने लगेऔरऔर भी

इंटरनेट सर्च कंपनी गूगल को एक बार फिर नौकरी करने के लिए दुनिया की सबसे अच्छी कंपनी माना गया है। मैनेजमेंट व इंजीनियरिंग छात्रों के बीच किए गए दो अलग-अलग सर्वेक्षण में कंपनी को 2011 की सबसे आकर्षक नियोक्ता बताया गया है। ये सर्वेक्षण दुनिया भर में नियोक्ताओं की ब्रांडिंग से जुड़ी फर्म यूनिवर्सम ने किए हैं। इसके अनुसार गूगल को नौकरी के लिए सर्वश्रेष्ठ 50 कंपनियों की सूची में पहला स्थान मिला है। लगातार तीसरे साल गूगलऔरऔर भी

सर्च इंजन गूगल और कंप्यूटर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी एप्पल स्मार्टफोन, टैब्लेट्स और दूसरी मोबाइल प्रौद्योगिकी से ग्राहकों की निजता या प्राइवेसी के अधिकार के हनन के मुद्दे पर अमेरिकी संसद को सफाई देंगी। ये कंपनियां अगले माह एक संसदीय समिति के समक्ष अपनी सफाई देने के लिए सहमत हुई हैं। इन दोनों अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधि 10 मई को अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट की न्यायिक समिति के समक्ष पेश होंगे। समिति के अध्यक्ष पैट्रिक लेही नेऔरऔर भी

इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी गूगल ने अमेरिका में कैलिफोर्निया प्रांत के मोजावे रेगिस्तान में सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्य को पूरा करने में मदद के लिए 16.8 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। यह ऊर्जा संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। गूगल इससे पहले अमेरिका से बाहर जर्मनी में बर्लिन के नजदीक 18.7 मेगावॉट क्षमता के एक सौर ऊर्जा संयंत्र में 35 लाख यूरो (करीब 50 लाख डॉलर) लगा चुकाऔरऔर भी

चीन सरकार ने अमेरिकी सर्च इंजिन गूगल और उसकी तीन संबद्ध कंपनियों पर कर चोरी का आरोप लगाया है। अमेरिकी कंपनी ने हाल ही में चीन सरकार पर अपनी सेवा ब्लॉक करने का आरोप लगाया था। चीनी कर अधिकारियों के हवाले से सरकारी मीडिया इकनॉमिक डेली में गुरुवार को छपी रिपोर्ट के मुताबिक गूगल से संबद्ध तीन कंपनियां गलत बिल और बही खाते में हेरफेर करती पाई गई हैं। साथ ही 4 करोड़ युआन (60.6 करोड़ अमेरिकीऔरऔर भी

अमेरिका में आबादी के लिहाज 12वें सबसे बड़े शहर सैन फ्रांसिस्को में सोमवार (15 नवंबर) से तीन दिन का वेब 2.0 सम्मेलन शुरू हो रहा है जिसमें इंटरनेट उद्योग के दर्जनों महारथी शिरकत करेंगे। लेकिन इसमें सबसे खास हैं फेसबुक के चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क ज़ुकरबर्ग और गूगल के प्रमुख एरिक श्मिड। माना जा रहा है कि इन दो महारथियों की टक्कर इस सम्मेलन के मंच पर नया गुल खिला सकती है क्योंकि दोनों ही नई पीढ़ी कीऔरऔर भी