अर्थव्यवस्था का दूरगामी नजरिया अच्छा हो और कंपनी अच्छी हो तो बाजार का पिटना बड़ा अच्छा होता है क्योंकि इस चक्कर में अच्छी कंपनियों के शेयर सस्ते में मिल जाते हैं। किसी सेक्टर का डाउनग्रेड किया जाना भी कभी-कभी अच्छा होता है क्योंकि सेक्टर के बीच भी अच्छी कंपनियां होती हैं। यहां संदर्भ है बैंकिंग सेक्टर का है और कंपनी है इंडियन बैंक। इंडियन बैंक का शेयर पिछले गुरुवार से इस गुरुवार के बीच 12.45 फीसदी काऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) 10 मई से 12 मई तक खुला रहेगा। इसके तहत कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी पांच फीसदी घटाई जाएगी और 15 फीसदी नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी कुल लगभग 23 करोड़ शेयर जारी करेगी। इस खबर के आने के बाद मंगलवार को दोपहर पीएफसी के शेयर 3.7 फीसदी बढ़कर 231.70 रुपए पर पहुंच गए थे। हालांकि बंद हुए हैं 1.94 फीसदी बढ़कर 228.30औरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओएनजीसी का इश्यू इस वित्त वर्ष के बजाय अगले वित्त वर्ष में लाया जाएगा। ओएनजीसी का एफपीओ (फालो-ऑन पब्लिक ऑफर) 5 अप्रैल 2011 को खुलेगा। सरकार ने गुरुवार को यह फैसला लिया। इससे पहले उम्मीद की जा रही थी कि यह इश्यू 15 मार्च को जारी कर दिया जाएगा। लेकिन अब इसे टाल दिया गया है। एक सरकारी अधिकारी के मुताहिक कंपनी का एफपीओ 5 अप्रैल से 8 अप्रैल तक खुला रहेगा।औरऔर भी

केंद्र सरकार के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) का प्रस्तावित 8000 करोड़ रुपए का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) मार्च में आएगा। शुक्रवार को दिल्ली में धातु व खनिज पर आयोजित एक सम्मेलन के दौरान इस्पात सचिव पी के मिश्रा ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘वर्तमान स्थिति में सेल का एफपीओ चालू वित्त वर्ष के अंत तक आ सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे देख रहे हैं, लेकिन हमें बाजार की स्थितियोंऔरऔर भी

मैंने कल लिखा था कि वे निफ्टी में 5500 का स्तर तोड़ने की कोशिश करेंगे और 5550 के ऊपर पहुंच जाने पर कवरिंग शुरू कर देंगे। सारा कुछ ऐसा ही हो रहा है। मैंने अब कई फंड मैनेजरों को कहते हुए सुना है कि भारत को अंडर-परफॉर्म नहीं करना चाहिए था। मैं अगर वित्त मंत्री होता तो उनको दिखा देता कि भारत कैसे अपने बाजार पर उनके दबदबे को ठुकरा सकता है। मेरे सूत्रों का कहना हैऔरऔर भी

साल 2010 पब्लिक इश्यू से जुटाई गई राशि के मामले में भारतीय कॉरपोरेट जगत में नया इतिहास बनाकर विदा हो रहा है। लेकिन नया साल 2011 इसको भी मात देने को तैयार दिख रहा है। कैलेंडर वर्ष 2010 में भारतीय कॉरपोरेट जगत ने पब्लिक इश्यू के जरिए 59,523 करोड़ रुपए जुटाए हैं। लेकिन कैलेंडर वर्ष 2011 में अगर सेबी के पास दाखिल निजी कंपनियों के प्रॉस्पेक्टस और सरकारी कंपनियों के विनिवेश को आधार बनाएं तो पब्लिक इश्यूऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओएनजीसी (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन) अगले हफ्ते 16 दिसंबर को होनेवाली अपनी बोर्ड बैठक में शेयरधारकों को बोनस शेयर देने के साथ-साथ शेयर को विभाजित करने पर विचार करेगी। कंपनी ने यह सूचना मंगलवार को स्टॉक एक्सचेंजों को दी है। इसके अलावा कंपनी का निदेशक बोर्ड आगामी एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) से पहले विशेष लाभांश देने पर भी विचार करेगा। कंपनी का प्रस्ताव शेयरधारकों को एक के बदले एक बोनस शेयरऔरऔर भी

सरकारी कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एससीआई) का एफपीओ (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर) 30 नवंबर को आएगा। इश्यू क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स या क्यूआईबी के लिए 2 दिसंबर और आम निवेशकों के लिए 3 दिसंबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने बीएसई में दाखिल सूचना में यह जानकारी दी है। कंपनी ने इस एफपीओ के लिए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस सेबी और कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय के पास जमा करा दिया। वह इस इश्यू से करीब 1450 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है।औरऔर भी

पावर ग्रिड का पब्लिक इश्यू (एफपीओ) पूरा हो गया और बाजार एक बार फिर करेक्शन के मोड में चला गया। ऐसा लगा जैसे बाजार के लिए और कोई ट्रिगर ही नहीं था और वह बस पावर ग्रिड के इश्यू के बीतने का इंतजार कर रहा था। लेकिन ऐसा है नहीं। बहुत सारे ट्रिगर हैं जिनके आधार पर बाजार की नए सिरे से रेटिंग होती रहेगी। अभी तो चूंकि निफ्टी 6357 को पार नहीं कर पा रहा हैऔरऔर भी

अगर साल 2003 से पूंजी बाजार में उतरी सार्वजनिक क्षेत्र की 28 कंपनियों के आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक ऑफर) के इतिहास को आधार मानें तो कोल इंडिया और सेल के आगामी पब्लिक इश्यू बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इन 28 कंपनियों में से 94 फीसदी के आईपीओ इश्यू मूल्य से कम से कम 10 फीसदी बढ़त के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुए हैं। प्रमुख ब्रोकरेज व निवेश बैंकिंग फर्म एनाम सिक्यूरिटीज ने तमाम आंकड़े जुटाकर यह हकीकत उजागरऔरऔर भी