बहुत दिनों से चल रही अटकलबाजी को नए नागरिक उड्डयन मंत्री अजित सिंह की पहल पर औपचारिक जामा पहना दिया गया है। मंगलवार को मंत्रियों के समूह ने अपनी बैठक में घरेलू एयरलाइन कंपनियों में विदेशी एयरलाइंस को 49 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। गौरतलब है कि इस समय भी घरेलू एयरलाइंस में 49 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की इजाजत है। लेकिन इस 49 फीसदी में अनिवासी भारतीय (एनआरआई) व दूसरे विदेशीऔरऔर भी

नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (कैग) ने कृष्णा गोदावरी बेसिन में पूरा का पूरा डी-6 ब्लॉक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास छोड़ने के लिए पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की खिंचाई की है और कहा है कि यह कंपनी के साथ उत्पादन में हिस्सेदारी के अनुबंध (पीएससी) के विरुद्ध है। यह बातें कैग ने हाइड्रोकार्बन पीएससी पर गुरुवार को संसद को सौंपी अपनी अंतिम रिपोर्ट में कही हैं। लेकिन इसमें डी-6 ब्लॉक पर रिलायंस द्वारा 2004 के प्रस्तावित 2.4 अरबऔरऔर भी

देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ रहे कालेधन के प्रवाह को लेकर चिंतित आयकर विभाग ने स्विटजरलैंड, वर्जिन आइलैंड और बहामास जैसे कर चोरी के पनाहगाह देशों की यात्रा करने वाले लोगों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। विभाग ने अपने खुफिया व जांच अधिकारियों को ऐसे सभी यात्रियों के बारे में पड़ताल करने का निर्देश दिया है जिन्होंने पिछले साल कर चोरी के पनाहगाह बने देशों की यात्रा की और ऐसे दौरों पर हुए खर्चऔरऔर भी

गुरुवार को शेयर बाजार खुलने के एकाध घंटे बाद ही अफवाह फैल गई कि सिविल एविएशन सेक्टर में भी सीबीआई किसी घोटाले का पर्दाफाश करनेवाली है। दिन भर यह सनसनी चलती रही। फिर कहा गया कि बाजार बंद होने के बाद ऐसा खुलासा हो सकता है। इस चक्कर में बढ़े बाजार में भी जेट एयरवेज, किंगफिशर और स्पाइसजेट के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। लेकिन देर शाम तक ऐसी कोई खबर नहीं आई है। हां, इसऔरऔर भी