अगले साल अप्रैल से चेक, ड्राफ्ट, पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक की वैधता अवधि घटाकर तीन महीने कर दी गई है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को बैकों को जारी एक निर्देश में यह जानकारी है। यूं तो यह निर्देश को-ऑपरेटिव बैंकों के प्रमुखों को ही संबोधित है, लेकिन इसके संदेश से कहीं साफ नहीं होता कि यह केवल राज्य व केंद्रीय को-ऑपरेटिव बैंकों पर ही लागू होगा। बता दें कि इस समय इन सभी प्रपत्रों की वैधताऔरऔर भी

देश में बचत खातों के अलावा बैंकों को हर तरह की डिपॉजिट पर ब्याज दर तय करने की छूट को मिले हुए तेरह साल से ज्यादा हो चुके हैं। अब बचत खाते में जमा रकम की ब्याज दर को भी बाजार शक्तियों के हवाले कर देने की तैयारी है। रिजर्व बैंक ने इस विषय में एक बहस-पत्र जारी किया है जिसमें इसके तमाम फायदे-नुकसान गिनाए गए हैं। लेकिन तर्कों का पलड़ा बचत खातों की ब्याज दर कोऔरऔर भी

देश में फरवरी माह में चेक के जरिये लेनदेन का आंकड़ा 2.5 फीसदी बढ़कर 7.97 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार साल भर पहले फरवरी, 2010 चेक के जरिये लेनदेन का आंकड़ा 7.77 लाख करोड़ रुपए का रहा था। आंकड़ों के अनुसार, फरवरी माह में बैंकों द्वारा कुल 1080.9 लाख चेक क्लियर किए गए। इससे पिछले साल इसी माह में 1076.3 लाख चेक क्लियर किए गए थे। बीते वित्तऔरऔर भी