बदलाव से पहले
सब धान बाइस पसेरी तौलनेवाले पंसारी की दुकान चला सकते हैं, नया नहीं ला सकते। समाज, संस्था या कहीं भी बदलाव लाना हो तो पहले उसके आज को बड़ी बारीकी से गहना-समझना पड़ता है।और भीऔर भी
सब धान बाइस पसेरी तौलनेवाले पंसारी की दुकान चला सकते हैं, नया नहीं ला सकते। समाज, संस्था या कहीं भी बदलाव लाना हो तो पहले उसके आज को बड़ी बारीकी से गहना-समझना पड़ता है।और भीऔर भी
अवरुद्ध रंध्रों को खुल जाने दो। बंधे हुए बांधों को टूट जाने दो। ठहरे हुए झरनों को गिर जाने दो। आंधी आने को है। अबाध ऊर्जा का धमाका होने को है। सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। अवाम उठने को है। देश जगने को है।और भीऔर भी
हवाई जहाज से झुग्गियां भी ज्यामितीय आकार में सजी हुई दिखती हैं। पास आने पर असलियत खुलती है। दूर से दिखता है बस तमाशा। बदलना हो तो पास जाना पड़ता है, माइक्रोस्कोप तक से देखना पड़ता है।और भीऔर भी
नए वित्त वर्ष 2010-11 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल 2010 से देश के करीब 62 करोड़ बचत खाताधारकों के लिए एक नई शुरुआत होने जा रही है। इस दिन से उन्हें अपने बचत खाते में जमा राशि पर हर दिन के हिसाब से ब्याज मिलेगा। ब्याज की दर तो 3.5 फीसदी ही रहेगी। लेकिन नई गणना से उनकी ब्याज आय पर काफी फर्क पड़ेगा। इस समय महीने की 10 तारीख से लेकर अंतिम तारीख तक उनकेऔरऔर भी
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