उम्मीद के मुताबिक एक और उतार-चढ़ाव से भरा दिन। सेंसेक्स बंद तो हुआ 24 अंक बढ़कर, लेकिन दिन भर में इसने 295 अंकों की पेंग भरी। वैसे, आज के स्टार परफॉर्मर रहे – हीरो होंडा और इस्पात इंडस्ट्रीज। इन दोनों की शिनाख्त में हम सबसे आगे रहे हैं। इस्पात ने कहानी को मुकाम पर पहुंचाने में पूरे बारह महीने लगा दिए। लेकिन हम खुश हैं क्योंकि इस स्टॉक ने 30 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया हैऔरऔर भी

पुंज लॉयड का शेयर (बीएसई – 532693, एनएसई – PUNJLLOY) दो महीने पहले 15 अक्टूबर को ऊपर में 134.20 रुपए तक गया था। इसके बाद गिरते-गिरते 26 नवंबर को 81 रुपए की तलहटी पर चला गया। अब बीते हफ्ते 16 दिसंबर तक ऊपर की दिशा पकड़कर 106.30 रुपए पर पहुंच गया। उसमें बढ़त का ताजा सिलसिला 10 दिसंबर को शुरू हुआ है। उसी दिन उसने थाईलैंड की कंपनी पीटीटी पब्लिक लिमिटेड से 1292 करोड़ और भारत कीऔरऔर भी

महाराष्ट्र सीमलेस (बीएसई – 500265, एनएसई – MAHSEAMLES) का नाम सुनकर लगता है कि जैसे यह महाराष्ट्र के किसी उद्योगपति की कंपनी हो। लेकिन यह हरियाणा के डी पी जिंदल समूह की कंपनी है। असल में देश में जिंदल नाम के तीन समूह है और तीनों का मूल परिवार एक है। पहला, ओ पी जिंदल समूह जिसकी मुख्य कंपनियां हैं – जिंदल स्टेनलेस, जिंदल सॉ, जेएसडब्ल्यू स्टील और जिंदल स्टील एंड पावर। दूसरा, एस एस जिंदल समूहऔरऔर भी

फर्स्टसोर्स सोल्यूशंस (एनएसई–FSL, बीएसई–532809) आईसीआईसीआई बैंक द्वारा प्रवर्तित कंपनी है। दुनिया की तमाम कंपनियों को हेल्थकेयर, टेलिकॉम व मीडिया और बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जुड़ी बीपीओ सेवाएं उपलब्ध कराती है। फॉर्च्यून-500, फुटसी-100 और निफ्टी-50 में शामिल कई कंपनियां उसकी ग्राहक हैं। वह अपने कामकाज का संचालन भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और फिलीपींस से करती है। इन सभी केंद्रों में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या लगभग 25,000 है। इसका शेयर 10 दिसंबर, शुक्रवार को 19.40 रुपएऔरऔर भी

कभी-कभी शेयर बाजार से आ रही खबरों को देखकर लगता है कि यहां चालबाजों और संस्थाओं का ही खेल चलता है। चालबाज भावों के साथ खेलते हैं और देशी-विदेशी संस्थाओं का अपना जोड़तोड़ है। लेकिन यही पूरा सच नहीं है। शेयर बाजार में वाजिब निवेशक भी है और उनकी खरीद भी समझदारी भरी होती है। ऐसे निवेशक इस समय बॉटम फिशिंग या तलहटी पर पहुंचे मजबूत शेयरों को खरीदने में जुट गए हैं। इसका छोटा-सा अंदाज इससेऔरऔर भी

नवीन फ्लूवोरीन इंटरनेशनल (बीएसई – 532504, एनएसई – NAVINFLUOR) शुक्रवार को 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर 253 रुपए तक गिरने के बाद 261.05 रुपए पर बंद हुआ है। पिछले एक महीने में यह 25 फीसदी से ज्यादा टूटा है। 12 नवंबर को ऊपर में 340 रुपए तक चला गया था और 10 दिसंबर तो 253 रुपए तक नीचे चला गया। अगर यह गिरावट आनी ही थी तो 19 अक्टूबर के आसपास आनी चाहिए थी क्योंकि उस दिनऔरऔर भी

तब आईबी की कोई रिपोर्ट नहीं आई थी, न ही किसी घोटाले में उसका नाम आया था। लेकिन रामसरूप इंडस्ट्रीज का शेयर एक महीने के भीतर 115 रुपए से गिरकर 65 रुपए पर आ गया। इसी हफ्ते मंगलवार 7 दिसंबर को खबर आई कि कंपनी 1800 करोड़ रुपए के ऋणों की रीस्ट्रक्चरिंग कर रही है। अचानक उसमें 10.33 लाख शेयरों के सौदे हो गए। लेकिन शेयर गिरकर 27.20 रुपए पर बंद हुआ। कल 9 दिसंबर को जबऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी के शासन वाली एनडीए सरकार को भी घसीट लिया है और 2001 से ही जांच कराने की बात की है। इसके बाद लगता है कि राजनीतिक गतिरोध आखिरकार अब खत्म हो जाएगा। घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की विपक्ष की मांग ठंडी पड़ जाएगी। थोड़ी आस बनने लगी है कि संसद में कामकाज शुरू हो जाएगा और इस मसले पर बहस हो सकेगी। लेकिन बाजारऔरऔर भी

खबर आ जाती तो अच्छा था। लेकिन यहां तो कानोंकान सुनी और कही गई बातें फैलाई जा रही हैं। कहा गया कि आईबी की रिपोर्ट में रुचि सोया और केएस ऑयल के शेयर-भावों के साथ धांधली की बात है और रुचि सोया को 27 फीसदी व केएस ऑयल को 14.69 फीसदी फटका लग गया। निवेशक घबराए हुए हैं। ऐसे में सेबी को चाहिए कि सामने आकर स्थिति साफ करे कि आईबी की ऐसी कोई रिपोर्ट है किऔरऔर भी

केएस ऑयल्स (बीएसई – 526209, एनएसई – KSOILS) में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है कि उसका शेयर 52 हफ्ते के न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाए। लेकिन कल वह 37.80 रुपए की तलहटी पर पहुंचा है तो कुछ तो वजह रही होगी? अपने-आप तो ऐसा नहीं हो सकता? उसमें वोल्यूम भी अच्छा-खासा हुआ है। बीएसई में जहां दो हफ्ते का औसत रोजाना कारोबार 12.64 लाख शेयरों का रहा है, वहीं कल इसके 20.85 लाख शेयरों में सौदेऔरऔर भी