जब देश के भीतर और देश के बाहर अनिश्चितता का माहौल कुछ ज्यादा ही गहरा हो चला हो, तब हमें उन्हीं कंपनियों में निवेश करना चाहिए जो तगड़ी होड़ में भी सीना तानकर खड़ी ही नहीं, लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे माहौल में कमज़ोर पर दांव लगाना अपनी बचत को जान-बूझकर चक्रवात में फंसाने जैसा है। हमें तो वही कंपनी चुननी चाहिए, मजबूत होते हुए भी जिसका दाम गिरा हुआ है। तथास्तु में ऐसी ही एक कंपनी…औरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लैगार्ड का मानना है कि यूरो मुद्रा का ‘अंत’ इस साल होने के कोई आसार नहीं है। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्दी ही आईएमएफ की जारी होनेवाली रिपोर्ट के मुताबिक इस साल विश्व अर्थव्यवस्था की विकास दर सितंबर में घोषित 4 फीसदी के अनुमान से कम रहेगी। फिलहाल दक्षिण अफ्रीका का दौरा कर रहीं लैगार्ड ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “सवाल है कि क्या 2012 यूरोऔरऔर भी

वित्‍त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने दुनिया में एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका जताई है। उन्होंने शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में तीसरे भारत-अफ्रीका हाइड्रोकार्बन सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज विश्‍व की अर्थव्यवस्‍था अनिश्चितता का सामना कर रही है। हालांकि इसमें कुछ सुधार के संकेत मिले हैं। लेकिन इसके बावजूद एक और आर्थिक सुस्ती की आशंका दिख रही है। पश्चिम एशियाई देशों के संकट ने भी अनि‍श्‍चि‍तता में योगदान कि‍‍या है, खासतौर से अंतरराष्‍ट्रीय बाजार मेंऔरऔर भी

भारती एयरटेल ने अफ्रीका में 5 करोड़ से ज्यादा मोबाइल ग्राहक हासिल कर लिए हैं। कंपनी ने बुधवार को आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी। बता दें कि अफ्रीका में ग्राहकों को यह आधार उसे कुवैती टेलिकॉम कंपनी ज़ैन के अफ्रीकी कारोबार के अधिग्रहण से हासिल हुआ है। जून 2010 में उससे यह सौदा करीब 900 करोड़ डॉलर में किया था जिससे अफ्रीका के 15 देशों में उसकी पहुंच बन गई है। भारती एयरटेल इस समय एशियाऔरऔर भी

राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीति सरकार ने तैयार कर ली है और जल्दी ही इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। केंद्र में वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र मंत्रालय का जिम्मा एक साथ संभालने वाले मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी में निर्यात पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि उन्होंने कल (गुरुवार) को ही इस नीति के कैबिनेट नोट पर दस्तखत किए हैं और कुछ ही हफ्तों में भारत की पहली राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीतिऔरऔर भी

यूं तो शेयरों के भाव वर्तमान को नहीं, हमेशा भविष्य को पकड़कर चलते हैं। लेकिन किसी कंपनी के भविष्य का आकलन इतना आसान नहीं होता। गहरी रिसर्च और जासूसी का काम होता है यह। फिर भी कभी-कभी कंपनी का अतीत और वर्तमान ही इतना मजबूत होता है कि भविष्य से बेफिक्र होकर उसमें निवेश किया जा सकता है। सीईएससी लिमिटेड का मामला कुछ ऐसा ही है। आरपीजी समूह की कंपनी है। 1899 में गठित हुई। तब सेऔरऔर भी