नवनीत पब्लिकेशंस का उस नवनीत पत्रिका से कोई वास्ता नहीं है जिसके संपादक विश्वनाथ सचदेवा हैं। यह कंपनी तो स्कूली बच्चों की किताबों के प्रकाशन और स्टेशनरी का व्यवसाय करती है। और, क्या खूब करती है। नवनीत पब्लिकेशंस ने मार्च 2010 में खत्म हुए वित्त वर्ष 2009-10 में 523.31 करोड़ रुपए की बिक्री पर 68.47 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया है। केवल मार्च 2010 की तिमाही की बात करें तो उसकी बिक्री 100.61 करोड़ व शुद्धऔरऔर भी

लोटस आईकेयर हॉस्पिटल में आज धमाका हो सकता है। बीएसई में जहां पिछले दो हफ्तों में इसमें औसतन 2.31 शेयरों का कारोबार होता था, वहीं कल मंगलवार को इसमें 16.37 लाख शेयरों का कारोबार हुआ है। इसमें से 42.25 फीसदी यानी 6.92 लाख शेयरों के सौदे डिलीवरी के लिए हैं। इसी तरह एनएसई में इसके 15.05 लाख शेयरों में ट्रेडिंग हुई, जिसमें से 4.12 लाख शेयर (27.41 फीसदी) डिलीवरी के लिए थे। यानी, इसमें ट्रेडरों व निवेशकोंऔरऔर भी

गिलैंडर्स आर्बुथनॉट का नाम ही बड़ा अटपटा है। यह है तो कोलकाता के जी डी कोठारी समूह की कंपनी। लेकिन इसकी स्थापना एफ एम गिलैंडर्स और जी सी आर्बुथनॉट ने साल 1819 में एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में की थी। यह 1935 में प्राइवेट लिमिटेड और 1947 में पब्लिक लिमिटेड कंपनी बनी। आजादी के बाद इसका स्वामित्व जी डी कोठारी समूह के पास आ गया। कंपनी चाय के बगानों से लेकर कंसट्रक्शन व रीयल एस्टेट, टेक्सटाइलऔरऔर भी

बाजार लगातार गिर रहा है। वजह बताई जा रही है यूरोप का ऋण संकट। लेकिन यूरोप का नेतृत्व संकट के समाधान की पुरजोर कोशिश में लगा है। पूरे सप्ताहांत यूरो जोन के 16 देशों के नेता इसी मशक्कत में जुटे रहे। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीस 2012 तक संकट से पूरी तरह बाहर निकल आएगा। इस तरह विश्व मंच पर हल्का-सा आशावाद दिख रहा है। ऐसे में संभव है कि आज भारतीय बाजार पर इसऔरऔर भी