सुप्रीम कोर्ट ने सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज के मामले में प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स (पीडब्ल्यूसी) के पार्टनक एस. गोपालकृष्णन और सत्यम के आंतरिक ऑडिटर वी एस प्रभाकर गुप्ता को मिली जमानत गुरुवार को निरस्त कर दी और उन्हें 30 अप्रैल तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। सत्मय के ऐतिहासिक घोटाले में खातों में कई हजार करोड़ की गड़बड़ी इन्हीं ऑडिटरों के रहते छिपाई गई थी। न्यायमूर्ति पी. सतशिवम और न्यायमूर्ति बी.एस. चौहान की पीठ ने गोपालकृष्णन और गुप्ता कीऔरऔर भी

आयकर विभाग के खिलाफ मुकदमा लड़ रही देश की दूसरे नंबर की जीएसएम मोबाइल सेवा कंपनी वोडाफोन ने विभाग पर आरोप लगाया है कि वह कानूनों को तोड़-मरोड़ कर नई व्याख्या कर रहा है। आयकर विभाग ने हचिसन-एस्सार के अधिग्रहण के मामले में कंपनी को हजारों करोड़ रूपए के कर और जुर्माने का नोटिस दे रखा है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने कल, शुक्रवार को वोडाफोन को आयकर विभाग के सामने पेश होने का आदेश दियाऔरऔर भी

केंद्रीय उच्चाधिकार-प्राप्त समिति (सीईसी) ने सुप्रीम कोर्ट को सौंपी अपनी ताजा रिपोर्ट में कर्नाटक हो रहे अवैध खनन की भयावह सच्चाई बताते हुए कहा कि इससे सरकारी खजाने को 2003 के बाद से 15,245 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि कर्नाटक में सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का तैयार नहीं है। गौरतलब है कि सीईसी का गठन सुप्रीम कोर्ट ने ही किया है। उसने कल,औरऔर भी

मुथूत फाइनेंस। दो हाथी सूड़ से सूड़ टकराते हुए। बड़े-बड़े दावे। बड़े-बड़े विज्ञापन। पब्लिक से पैसे जो जुटाने हैं!! आईपीओ इसी सोमवार 18 अप्रैल को खुलेगा। कंपनी कहती है कि वह भारत की सबसे बड़ी गोल्ड फाइनेंसिंग कंपनी है और हर दिन के उसके औसत कस्टमर 67,953 हैं। महीने, साल गिन लीजिए। अरे, जब इतने ही कस्टमर हैं तो पब्लिक को 5.15 करोड़ शेयर जारी करने की जरूरत क्यों पड़ गई? एक तरफ कहती है कि वहऔरऔर भी

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने 7 अप्रैल को ही पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी के उस आदेश पर लगाया गया स्टे उठा लिया जिसमें सहारा समूह की कंपनियों द्वारा आम जनता से धन जुटाने की मनाही की गई थी। इसका मतलब साफ हुआ कि सेबी द्वारा नवंबर 2010 में जारी आदेश लागू हो गया है और सहारा समूह की कंपनियां पब्लिक से धन नहीं जुटा सकतीं। लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स समूह के बिजनेस अखबार, मिंट की एकऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से सवाल किया है कि वह 1996 में भोपाल गैस कांड के आरोपियों के खिलाफ आरोपों को हल्का करने के 14 साल बाद अब क्यों अदालत के पास पहुंची है। बुधवार को सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश एस एच कपाडिया के नेतृत्व में पांच न्यायाधीशों की विशेष पीठ ने विलंब पर सवाल किया और सीबीआई से पूछा कि उसने इतने साल में कोई पुनरीक्षा याचिका दायर क्यों नहीं की। सीबीआई कीऔरऔर भी

रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा है कि कांग्रेस 2जी स्पेक्ट्रम मामले की जांच में राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगी और इस घोटाले में जो लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एंटनी ने गुरुवार को कोच्चि में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सीबीआई 2जी मामले की जांच कर रही है और सुप्रीम कोर्ट, लोक लेखा समिति (पीएसी) और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी0 इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामलेऔरऔर भी

2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले पर चार्जशीट दाखिल करने में अब सीबीआई को सुप्रीम कोर्ट से दो दिन की मोहलत मिल गई है। इसलिए वह 31 मार्च के बजाय यह चार्जशीट अब 2 अप्रैल को दाखिल करेगी। उधर मुख्य अभियुक्त पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के करीबी सादिक बच्चा मौत की जांच के बारे में भी कोर्ट ने सीबीआई की प्रतिक्रिया मांगी है। मंगलवार को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच की स्टेटस रिपोर्टऔरऔर भी

मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के छतरपुर जिले में किम्बरलाइट या  हीरे वाली चट्टान की खोज के साथ ही निकट भविष्य में हीरे की खदान प्राप्त होने की आशा है। खनिज विभाग के सूत्रों के अनुसार ब्रिटिश-ऑस्ट्रेलियाई कंपनी रियो टिन्टो द्वारा किम्बरलाइट पाइपों की खोज की दिशा में विस्तृत काम के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने कंपनी को दो पूर्वेक्षण अनुज्ञप्तियां इसी क्षेत्र में स्वीकृत की थीं। कंपनी द्वारा हीरा उत्पादन के लिए छतरपुर जिले में दो खनिजऔरऔर भी

आदिवासी इलाकों में स्थित राशन दुकानों में खराब खाद्यान्न दिए जाने का आरोप लगाते हुए वामपंथी दल सीपीएम ने इसकी जांच विशेष निगरानी एजेंसी से कराए जाने और गोदामों में पड़ा खाद्यान्न गरीबों में वितरित किए जाने की मांग की है। बता दें कि करीब सात महीने पहले अगस्त 2010 में सुप्रीम कोर्ट ने खाद्यान्न के कुप्रबंधन पर केंद्र सरकार को लताड़ पिलाई थी और कहा था कि बरबाद हो रहा अनाज मुफ्त में गरीबों को बांटऔरऔर भी