अभी कुछ दिन पहले तक जो सरकार बढ़ती महंगाई के बीच राजनीतिक बवाल के डर से डीजल के मूल्यों को छेड़ने से डर रही थी, उसे विपक्ष ने ऐसा मौका दे दिया है कि वह बड़े उत्साह से इस पर मूल्य नियंत्रण उठाने की तैयारी में जुट गई है। इसका सबसे पहला वार उन लोगों पर होगा जो डीजल से चलनेवाली कारें इस्तेमाल करते हैं। लोकसभा में महंगाई पर चल रही बहस का जवाब देते हुए वित्तऔरऔर भी

इस साल जनवरी से जून तक के छह महीनों के दौरान कुल 117 सरकारी वेबसाइटें हैक कर विकृत कर दी गईं। यह जानकारी संचार व सूचना प्रौद्योगिकी राज्‍य मंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित संगठनों व विभागों से हमले की प्रकृति व तरीके किस्‍म और हैकर द्वारा इस्‍तेमाल की गई कमजोरियों का विश्‍लेषण करने को कहा गया। उनसे हैक की गई वेबसाइटों का वेबऔरऔर भी

एक हफ्ते देरी से ही सही, नए ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने शुक्रवार, 29 जुलाई को भूमि अधिग्रहण व पुनर्वास पर नया विधेयक सार्वजनिक बहस के लिए पेश कर दिया। उन्होंने मंत्री बनने के एक दिन बाद 13 जुलाई को एक हफ्ते में ऐसा कर देने की बात कही थी। विधेयक मंत्रालय की वेबसाइट पर रख दिया गया है, जिस पर कोई भी अपनी प्रतिक्रिया 31 अगस्त तक भेज सकता है। अंतिम विधेयक को संसद केऔरऔर भी

सरकार देशी-विदेशी निवेशकों के मनचाहे सुधारों की राह पर चल पड़ी है। रिलायंस-बीपी के करार को कैबिनेट की मंजूरी और सचिवों की समिति द्वारा मल्टी ब्रांड रिटेल में 49 के बजाय 51 फीसदी विदेशी निवेश (एफडीआई) की सिफारिश यूपीए सरकार के साहसी रुख को दर्शाती है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वह विपक्ष के हमले की धार कुंद करने में लगी है। सरकार का यह अंदाज उन चंद बड़े एफआईआई की तरफ से पेश की गई तस्वीर सेऔरऔर भी

बाजार को दोपहर करीब एक घंटे तक दबे रहने के बाद सुधरना पड़ा और निफ्टी 0.84 फीसदी की बढ़त लेकर 5613.55 पर बंद हुआ। कारण, तेजड़िए पिछले दो हफ्तों से लांग हैं या आसान शब्दों में कहा जाए तो बढ़त की उम्मीद में खरीद किए पड़े हैं और वे अब भी नई खरीद किए जा रहे हैं। इसका मतलब यही हुआ कि बाजार निफ्टी को 6000 की तरफ उठाए जा रहा है। हालांकि तेजड़ियों ने 5600 केऔरऔर भी

तमाम बुरी खबरें पचा गया बाजार। इसमें इनफोसिस के खराब नतीजे, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की कमतर वृद्धि और इन सबके ऊपर मुंबई के झावेरी बाजार, ओपेरा हाउस और दादर में हुए सीरियल बम धमाके। बाजार ने साबित कर दिया कि निफ्टी में 5500 का स्तर बहुत मजबूत स्तर है जहां बाजार ने पर्याप्त पकड़ दिखाई है। कुल मिलाकर बाजार थोड़ा गिरकर बंद हुआ क्योंकि सबको इंतजार था कि यूरोप में बैंकों के स्ट्रेस टेस्ट का नतीजाऔरऔर भी

हमने इसी जगह एक बार नहीं, कई बार कहा था कि चाहे कुछ हो जाए, बाजार 5735 तक जाएगा। यह हो गया। महज दो हफ्तों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) ने 10,000 करोड़ रुपए की खरीद कर डाली। अहम सवाल है कि आगे क्या होगा? क्या यह क्षणिक आवेग है या बाजार नई छलांग की तैयारी में है? मंदी और तेजी के खेमे की राय स्वाभाविक तौर पर अलग-अलग है। कुछ कहते हैं कि यह महज फुलझड़ीऔरऔर भी

सुप्रीम कोर्ट का विशेष जांच दल (एसआईटी) अगले महीने अगस्त के तीसरे हफ्ते तक अपनी पहली रिपोर्ट पेश कर देगा। इससे विदेशी बैंकों में रखे भारतीयों के काले धन पर तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। इससे तमाम चिंताओं पर विराम लग जाएगा। और, सुप्रीम कोर्ट की फटकार सहने के बावजूद यूपीए सरकार को यह कहने का मौका मिलेगा कि उसने अपना काम कर दिखाया है। इधर, सरकार के एजेंडे में आर्थिक सुधार फिर से केंद्रऔरऔर भी

बाजार का हाल जो भी हो, लेकिन उसकी सवारी गांठने वाले विशेषज्ञों का हाल बडा रोचक है। ये ‘विशेषज्ञ’ लोग पहले कह रहे थे कि बाजार का 5500 पर पहुंचना असंभव है और अब, जब वहां तक पहुंच गया तो कह रहे हैं कि यह 5650 तक नहीं जा सकता है। लेकिन निफ्टी जब 5705 तक भी चला गया तो कहने लगे कि अब 5270 का स्टॉप लॉस लगाकर बेचो क्योंकि इसका 5720 को पार कर पानाऔरऔर भी

कोलकाता हाईकोर्ट ने सिंगूर में किसानों को भूमि लौटाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले पर रोक लगाने के संबंध में अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। लेफ्ट फ्रंट की सरकार के दौरान टाटा मोटर्स ने अपनी नैनो परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहित की थी। टाटा ने याचिका दायर कर मांग की थी कि भूमि लौटाने के संदर्भ में मंगलवार से रोक लगा दी जाए। न्यायमूर्ति सौमित्र पाल ने कहा कि इस बारे में सरकारऔरऔर भी