साल 2010 के बाकी चार दिन इसी तरह रंग-तरंग में मनाते रहिए। 30 दिसंबर को रोलओवर होना है और 31 दिसंबर म्यूचुअल फंडों द्वारा अपने एनएवी (शुद्ध आस्ति मूल्य) को दुरुस्त करने का दिन होगा। सेंसेक्स 180 अंकों की पेंग मारने के बाद 45 अंक गिरकर बंद हुआ है, जबकि निफ्टी में साढे तेरह अंकों की गिरावट आई है। अगले चार दिनों में कुछ भी खास नहीं होने वाला है। हां, एक बात अच्छी तरह दिमाग मेंऔरऔर भी

जेएसडब्ल्यू स्टील और इस्पात इंडस्ट्रीज की डील पर खूब बहस हो रही है। महज आठ दिनों में यह डील पूरी कर ली गई है और इन्हीं आठ दिनों में इस्पात का शेयर कुलांचे मार कर बढ़ गया। इसने हमारे बाजार के डेरिवेटिव सिस्टम की कमियां उजागर की हैं। वहां के मूल्यों की सत्यता पर सवाल उठाया है और इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका को बल दिया है। आज भी जिस तरह इस्पात का मूल्य 24.05 रुपए तक जानेऔरऔर भी

बाजार अब भी विश्वास के संकट से गुजर रहा है। इसलिए भावों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। लोग निफ्टी के ऑप्शन सौदों में 5600 व 5400 पर सक्रिय हैं जो साफ दिखाता है कि हर बढ़त का इस्तेमाल बिकवाली के लिए किया जा रहा है। दूसरे तमाम भूत धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं तो अब नई अफवाह फैलाई जा रही है कि डीएमके केंद्र सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। यह एकदम बकवास है क्योंकि इस समयऔरऔर भी

जब बाजार में भूचाल मचा हो, बीएसई सेंसेक्स 615 का गोता लगाने के बाद संभला हो, तब मैं आपको अब कतई बाजार की तेजी के बारे में यकीन दिलाने की कोशिश नहीं करूंगा। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि औरों के बनाए खेल के शिकार न बनें। डेरिवेटिव्स में अपने पोजिशन को होल्ड रखें, साथ ही साथ कैश सेगमेंट में खरीद जारी रखें। बाजार से एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल) तबका एकदम साफ हो गया है। अब तो 5000औरऔर भी

बहुत से निवेशक अभी तक मार्क टू मार्केट के दबाव और विशेषज्ञों की सलाहों के आगे घुटने टेक चुके हैं और बाजार से बहुत कुछ बेच-बाच कर निकल गए हैं। ब्रोकर उन्हें अब भी समझा रहे हैं कि हर बढ़त उनके लिए राहत का मौका है और ऐसे हर मौके पर उन्हें बेचकर निकल लेना चाहिए। अच्छा है क्योंकि आपका इम्तिहान चल रहा है। अब, ऐसा तो नहीं हो सकता कि आप हर बार उम्मीद करें किऔरऔर भी

हमें इस बात का पूरा अंदाजा था कि तेजड़िये दोहरी अफरातफरी पैदा करेंगे। इसकी दो वजहें थीं। एक, जो लोग कल लांग यानी भावी खरीद के सौदे कर चुके थे, वे भयभीत हो जाएंगे। दो, असली ट्रिगर बाजार बंद बाद होने के बाद आएगा। प्रधानमंत्री की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में 2जी स्पेक्ट्रम मामले में हलफनामा कल, शनिवार को दाखिल किया जाएगा, जिस पर सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई करेगा। बाजार में अगली उथलपुथल मंगलवार को आएगी।औरऔर भी

हर किसी को पता था कि अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबामा दक्षिण कोरिया के साथ किसी मुक्त व्यापार समझौते पर दस्तखत नहीं करने जा रहे हैं। लेकिन एफआईआई ने एक तरफ से 200 करोड़ डॉलर के शेयर बेच डाले और कोरिया का बाजार 3 फीसदी लुढ़क गया। हो सकता है कि बाजार को अंदेशा रहा हो कि बीते सप्ताहांत सोल में जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल समाप्ति के बाद कोरिया ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की वृद्धि करऔरऔर भी

बाजार रोलओवर की पीड़ा से गुजर रहा है। अभी तक केवल 74,000 करोड़ रुपए के ओपन इंटरेस्ट अगले सेटलमेंट में ले जाए गए हैं और ज्यादातर सौदों का वारा-न्यारा करना बाकी है। असल में मंदड़िए रोलओवर करने को तैयार नहीं हैं। इसीलिए बाजार में इतने ऊंच-नीच की हालत है। लेकिन गांठ बांध लें कि बाजार एकदम अच्छी तरह सुधरेगा और बहुत जल्द ही वह (निफ्टी) 6500 की मंजिल का रुख कर लेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति का स्वागत निफ्टीऔरऔर भी

शेयर बाजार में आज का दिन एकदम ठंडा रहा क्योंकि ज्यादातर खिलाड़ी इसी में लगे रहे कि रोलओवर में क्या शॉर्ट और क्या लांग करना है, मतलब डेरिवेटिव्स में बिक्री और खरीद के किन सौदों को अगले सेटलमेंट में ले जाना है। कल तक केवल 24,000 करोड़ रुपए के सौदों का रोलओवर हुआ था और अब यह सेटलमेंट खत्म होने में दो दिन ही बचे हैं। मुझे लगता है कि कल जमकर रोलओवर होंगे क्योंकि आखिरी दिनऔरऔर भी

कल और आज कुल मिलाकर महज 10,000 करोड़ रुपए के ही सौदों का रोलओवर हुआ है। ऑपरेटर अपनी पोजिशन आगे ले जाने के मूड में नहीं है। कल निफ्टी में 6100 के ऊपर बहुत से खिलाड़ी टेक्निकल चार्टों से निकले यकीन के आधार पर लांग हो गए, यानी उन्होंने खरीद के सौदे कर लिए। लेकिन इस बार तकनीकी गलती की वजह से बाजार ने उन्हें अपनी राय बदलने को बाध्य कर दिया। इतना तय है कि 6050औरऔर भी