आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने कोयला और लिग्नाइट पर मूल्य के आधार पर क्रमशः 14 फीसदी और 6 फीसदी रॉयल्टी लगाने की बात स्वीकार कर ली है। उसने यह फैसला कोयला मंत्रालय द्वारा गठित अध्ययन समूह की सिफारिशों के तहत किया है। अभी तक रॉयल्टी के लिए बड़ा ही मिश्रित किस्म का फार्मूला चलता रहा है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुरुवार को अपनी बैठक में तय किया कि कोयले पर 14 फीसदी रॉयल्टी शुल्कऔरऔर भी

हिंदुस्तान ज़िंक पहले साल 2003 तक भारत सरकार की कंपनी हुआ करती थी। अब कबाड़ी से अरबपति अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह की कंपनी है। कंपनी की 845.06 करोड़ रुपए की इक्विटी में वेदांता समूह की हिस्सेदारी 64.92 फीसदी है, जबकि भारत सरकार के पास अब भी उसके 29.54 फीसदी शेयर हैं। फ्लोटिंग स्टॉक कम होने के बावजूद उसका शेयर बहुत ज्यादा ऊपर-नीचे नहीं होता। 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 155.25 रुपए (21 अप्रैल 2011) और न्यूनतमऔरऔर भी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उस नए खान व खनिज विधेयक को मंजूरी दे दी जिसमें प्रावधान है कि कोयला खनन कंपनियों को हर साल अपने शुद्ध लाभ का 26 फीसदी और अन्य खनिज कंपनियों को रॉयल्टी के बराबर रकम जिलास्तरीय खनिज न्यास में डालनी होगी जिसका इस्तेमाल स्थानीय लोगों के विकास में किया जाएगा। इस विधेयक के पारित होने के बाद तमाम खनिज व मेटल कंपनियों के शेयर धड़ाधड़ गिर गए। कोल इंडिया 5.2 फीसदी, स्टरलाइट इंडस्ट्रीज 4.1औरऔर भी

भारत ने दुनिया के 79 देशों के साथ दोहरा कराधान बचाव संधि (डीटीएए) कर रखी है। इसमें मॉरीशस व स्विटजरलैंड शामिल हैं। संधि के तहत कंपनी का मूल पता जिस देश का है, वहीं उस पर कैपिटल गेन्स टैक्स लग सकता है। जहां से उसने कमाया है, वहां पर नहीं। हालांकि लाभांश, रॉयल्टी व ब्याज आय पर दोनों ही देशों में टैक्स लगता है। लेकिन टैक्स की दर लाभांश पर 7.5% और ब्याज व रॉयल्टी पर 10%औरऔर भी