दक्षिण भारत की बदनाम कंपनी पिरामिड साइमीरा को खत्म करने का सिलसिला आखिरी मुकाम पर पहुंचने लगा है। मद्रास हाईकोर्ट की तरफ से नियुक्त परिसमापक (लिक्विडेटर) ने 14 मई की तारीख मुकर्रर की है। तब तक कंपनी को कर्ज देनेवालों को अपने दावों का प्रमाण पेश कर देना होगा। उन्हें इस बाबत एक हलफनामा परिसमापक के पास जमा कराना होगा। चेन्नई में परिसमापक के कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि वहां निर्धारित फॉर्मैट में ऋणऔरऔर भी

एस्सार समूह की फाइनेंस कंपनी इंडिया सिक्यूरिटीज में उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ईटीएचएल कम्युनिकेशंस होल्डिंग्स के विलय को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर कल, 26 चेन्नई में कंपनी के शेयरधारकों की बैठक हुई जिसमें विलय के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। इसका सीधा-सीधा लाभ यह होगा कि ईटीएचएल कम्युनिकेशंस होल्डिंग्स के 5042.75 करोड़ रुपए के रिजर्व सीधे इंडिया सिक्यूरिटीज के खाते में आ जाएंगे। दूसरे, एस्सार समूह ने ईटीएचएलऔरऔर भी

इंडिया सिक्यूरिटीज एस्सार समूह की फाइनेंस कंपनी है। केवल बीएसई (कोड – 500204) में लिस्टेड हैं। फिलहाल ऑपरेटर इसे ठोंके पड़े हैं ताकि एकदम नीचे गिराकर इसे बटोरा जा सके। कल, गुरुवार को ही इसे 10.98 फीसदी धुना गया है और यह बुधवार के बंद भाव 49.65 रुपए से सीधे 44.20 रुपए पर पहुंच गया। धुनाई तो इसकी पिछले कई महीनों से चल रही है। अभी महीना भर पहले 8 जून को एक रुपए अंकित मूल्य काऔरऔर भी

मद्रास हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है जिसमें सीबीआई को सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर रखने के संबंध में हाल ही में जारी अधिसूचना को संविधान से परे घोषित करने की मांग की गयी है। मुख्य न्यायाधीश एम.वाई. इकबाल और न्यायमूर्ति टी.एस. शिवज्ञानम की पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से संज्ञान लेने वाले अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एम. रवींद्रन को निर्देश दिया कि तीन सप्ताह केऔरऔर भी