एक तरफ लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए बनी संयुक्त समिति में बहस जारी है, दूसरी तऱफ केंद्र सरकार ने इससे जुड़े कई विवादास्पद मुद्ददों पर सीधे राज्‍य सरकारों और राजनीतिक दलों की राय मांग डाली है। इस सिलसिले में संयुक्‍त मसौदा समिति के अध्‍यक्ष वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की तरफ से एक खत भेजा गया है। मूल पत्र अंग्रेजी में है। सरकार की तरफ से किया गया उसका अनुवाद यहा पेंश है… उच्‍च पदोंऔरऔर भी

एक तरफ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भारत में वर्ष 2032 तक 63,000 मेगावॉट बिजली परमाणु संयंत्रों से बनाने का नारा लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जर्मनी ने ऐलान किया है कि वह वर्ष 2022 तक अपने सारे परमाणु बिजली संयंत्र बंद कर देगा। जर्मनी यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। जापान में भूकंप व सुनामी के बाद हुए परमाणु हादसे के बाद किसी औद्योगिक शक्ति द्वारा पहली बार ऐसा कठोर फैसला लियाऔरऔर भी

हमने पूरे पांच दिन पहले चेताया था कि स्पीक एशिया के बैंक खाते फ्रीज होने लगे हैं। तभी से तमाम तथाकथित ‘स्पीकएशियंस’ टिप्पणियों में कोहराम मचाए हुए थे कि सब झूठ है, बकवास है। लेकिन अब खुद स्पीक एशिया ने आधिकारिक रूप से स्वीकार कर लिया है कि सिंगापुर तक में उसके खाते बंद कर दिए गए हैं। उसने यह भी माना है कि कुछ बैंकों ने भारत में उसके एजेंटों के खातों को ‘तात्कालिक रूप’ सेऔरऔर भी

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रबंध निदेशक पद के लिए फ्रांस की वित्त मंत्री क्रिस्टिनी लैगार्ड द्वारा दावेदारी पेश किए जाने के बाद भी भारत ने कहा है कि विकासशील देश इस मुद्दे पर अपनी स्थिति मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे हैं। जहां यूरोप के ज्यादातर देश लैगार्ड की उम्मीदवारी का समर्थन कर रहे हैं, वहीं विकासशील देश अपने बीच बड़े बाजार के रूप में उभर रहे किसी देश से एक नाम पेश करने के लिएऔरऔर भी

भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर मतभेद का संकेत देते हुए वाणिज्य व उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने कहा है कि ‘अच्छे से अच्छा भविष्यवक्ता भी इसके पूरा होने की समयसीमा नहीं बता सकता।’ उन्होंने बस इतनी उम्मीद जताई कि यह जल्दी पूरा हो जाएगा। भारत अपने सबसे बड़े कारोबारी सहयोगी यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के जरिए वस्तु, सेवा व निवेश के क्षेत्र में व्यापार उदार बनाने केऔरऔर भी

प्रस्तावित लोकपाल विधेयक के लगभग सभी 40 मुख्य बिंदुओं पर सरकार और गांधीवादी अण्णा हज़ारे के पक्ष के बीच एक दौर की बातचीत सोमवार को पूरी हो गई। लेकिन प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को इस विधेयक के दायरे में लाने के बारे में अभी कोई सहमति नहीं बन पाई। सरकार हालांकि, करीब आधे बिंदुओं पर सैद्धांतिक रूप से सहमति हो चुकी है। लोकपाल विधेयक का कारगर मसौदा तैयार करने के लिए गठित संयुक्त समिति की वित्त मंत्री प्रणवऔरऔर भी

भारत ने भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र समझौते या कनवेंशन का अनुमोदन कर दिया है। अनुमोदन की यह प्रक्रिया सितंबर 2010 से ही चल रही थी और अब इसे मंत्रियों के एक समूह की देखरेख में पूरा कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को काबुल यात्रा पर रवाना होने से पहले जारी एक बयान में यह जानकारी दी है। बयान में कहा गया है, “भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र समझौते को लागू करने सेऔरऔर भी

कैबिनेट सचिवालय ने फोन टैपिंग पर दी गई अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की है कि केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को या तो टेलीफोन टैपिंग के लिए अधिकृत एजेंसियों की सूची से बाहर निकाल दिया जाए या विशेष परिस्थितियों में गृह सचिव की मंजूरी लेने के बाद ही उसे इसकी इजाजत दी जाए। सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि कानून केवल कर चोरी का पता लगाने के लिए टेलीफोन टैपिंग और बातचीत की निगरानी करने की अनुमतिऔरऔर भी

हमारी संसदीय बहसों में प्रधानमंत्री की भागीदारी घटती जा रही है। यहां तक कि सीधे उनको संबोधित सवालों का जवाब भी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का राज्य मंत्री देता है। लेकिन ब्रिटेन में ऐसा नहीं है। वहां हर बुधवार की सुबह प्रधानमंत्री पर संसद के निचले सदन, हाउस ऑफ कॉमन्स में सवालों की बौछार कर दी जाती है। सवाल इतने बेलाग व तीखे होते हैं कि प्रधानमंत्री को उनका साफ-साफ उत्तर देना पड़ता है। पूरे सत्र का सीधाऔरऔर भी

प्रधानमंत्री से लेकर वित्त मंत्री तक भले ही लघु उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र का गुणगान करते रहते हैं। लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि सरकार अपनी सालाना 1,70,000 करोड़ रुपए की खरीद में से महज 4.5 फीसदी एमएसएमई क्षेत्र से खरीदती है। ऐसी हालत में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने जोर दिया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अपनी जरूरत की कम से कम 20 फीसदी खरीद लघु व मझोली इकाइयों से करनी चाहिए।औरऔर भी