फैसला भारत सरकार। देश में सड़क से लेकर संसद तक विरोध। लेकिन अमेरिका में स्वागत। वॉशिंगटन से जारी बयान में आधिकारिक तौर पर दलाली का काम करनेवाली अमेरिका-भारत बिजनेस परिषद ने मल्टी ब्रांड रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) और सिंगल ब्रांड रिटेल में एफडीआई की सीमा 51 से बढ़ाकर 100 फीसदी किए जाने का स्वागत किया है। उसने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा गुरुवार रात को लिए गए इस फैसले को ‘साहसिक’ बताया है और कहाऔरऔर भी

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता माना जाता है। लेकिन बीती तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की मांग 2009 के शुरूआती दौर के बाद पहली बार भारत से ज्यादा हो गई है। यह बात सामने आई है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट से। रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जुलाई से सितंबर की तिमाही में चीन में सोने के जेवरात की खरीद साल भर पहले की समान अवधि की तुलना में 13 फीसदीऔरऔर भी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कड़े शब्दों में कहा है कि वे चीन की व्यावसायिक और मौद्रिक नीतियों से तंग आ गए हैं। एशिया प्रशांत देशों की बैठक में ओबामा ने चीनी राष्ट्रपति हू जिन ताओ से मुलाकात के बाद यह कहा। ओबामा ने अमेरिका के हवाई प्रांत में आयोजित एशिया-प्रशांत देशों की शिखर वार्ता के अंतिम दिन, रविवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, बहुत हुआ। हम इसी मुद्दे पर कायम रहेंगे कि चीन भी दूसरों कीऔरऔर भी

चीन के करीब आधे करोड़पति देश छोड़कर बाहर जाना चाहते हैं। करीब 14 फीसदी करोड़पति या तो देश से बाहर जा चुके है या फिर इसके लिए आवेदन कर चुके हैं। यह बात एक सर्वेक्षण में सामने आई है। मई से सितंबर के बीच हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट और बैंक ऑफ चाइना की ओर से कराए संयुक्त सर्वेक्षण में 980 प्रतिभागियों में से 46 फीसदी ने देश से बाहर जाने की इच्छा जताई है। सर्वेक्षण के नतीजे ‘प्राइवेटऔरऔर भी

भारतीय शेयर बाजार का पूंजीकरण दुनिया के शेयर बाजार का करीब 3% है। हमारे सबसे बड़े बैंक एसबीआई का लाभ चीन के सबसे बड़े बैंक का महज 10% है। निजी क्षेत्र में हमारी तेल व गैस की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज इसी क्षेत्र की फ्रांसीसी कंपनी टोटल के एक तिहाई आकार की है। ऊपर से हमारी 100 सबसे बड़ी कंपनियों के लाभ में 41% हिस्सा सरकारी कंपनियों, 41% हिस्सा परिवार नियंत्रित कंपनियों और बाकी 18% हिस्साऔरऔर भी

तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था दो साल बाद 2013 में चीन से भी तेज रफ्तार से बढ़ सकती है। यह अनुमान पेश किया है कि वैश्विक सलाहकार फर्म अर्न्स्ट एंड यंग ने। हालांकि अर्न्स्ट एंड यंग ने सोमवार को जारी अपनी रिपोर्ट में आगाह किया है कि भारत को महंगाई को काबू में करने की जरूरत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.2 फीसदी हीऔरऔर भी

अगस्त में स्टैंडर्ड एंड पुअर्स के रेटिंग घटा देने का सीधा असर अमेरिकी बाडों में हुए विदेशी निवेश पर पड़ा है। अमेरिकी सरकार के ट्रेजरी विभाग व फेडरल रिजर्व बोर्ड की तरफ से बुधवार, 18 अक्टूबर को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक दुनिया के देशों ने वहां के ट्रेडरी बांडों में अपना निवेश जुलाई के 2845.3 अरब डॉलर से घटाकर 2835.7 अरब डॉलर कर दिया है। इसमें भी सबसे ज्यादा चौंकानेवाली बात यह है कि अमेरिका कोऔरऔर भी

निर्यात में नरमी और बढ़ती महंगाई के चलते व्यापार अधिशेष में तगड़ी कमी की वजह से चीन के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर तीसरी तिमाही में घटकर 9.1 फीसदी पर आ गई। यह 2010 की चौथी तिमाही के बाद से सबसे निचला स्तर है। चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (एनबीएस) ने मंगलवार को कहा कि साल की तीसरी तिमाही में चीन की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 9.1 फीसदी पर आ गई जो दूसरी तिमाही मेंऔरऔर भी

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सोने पर हम हिंदुस्तानी आज से नहीं, सदियों से फिदा हैं। पाते ही बौरा जाते हैं। उसकी मादकता हम पर छाई है। जुग-जमाना बदल गया। लेकिन यह उतरने का नाम ही नहीं ले रही। इसीलिए भारत अब भी दुनिया में सोने का सबसे बड़ा खरीदार है। चीन तेजी से बढ़ रहा है, फिर भी नंबर दो पर हैं। भारत में सोने की औसत सालाना खपत 800 टन (8 लाख किलो!!!) है। चीन में यह 600 टन केऔरऔर भी

वर्ष 2003 में आठवें स्थान के मुकाबले वर्ष 2010  तक भारत दुनिया में कच्चे इस्पात (क्रूड स्टील) का चौथा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन गया है। केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने सोमवार को अपने मंत्रालय से जुडी संसदीय सलाहकार समिति की अध्यक्षता करते हुए भरोसा जताया कि भारत साल 2015 तक दुनिया में कच्चे इस्पात का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश बन सकता है। चीन तब भी सबसे ऊपर बना रहेगा। बैठक में स्टील अथॉरिटीऔरऔर भी