टीसीएस ने कल उम्मीद से बेहतर नतीजे घोषित किए और शॉर्ट कवरिंग के चलते इसका शेयर खुला ही काफी ज्याद बढ़कर। लेकिन फिर मुनाफावसली शुरू हो गई तो तेजी फिलहाल आज के लिए थोड़ी थम गई। फिर भी कुल मिलाकर कल से दो फीसदी बढ़त के साथ बंद हुआ है। बाजार भी सुबह 5631.70 तक जाने के बाद नीचे आ गया। असल में यूरोपीय बैंकों के स्ट्रेस टेस्ट से पहले तमाम शॉर्ट सौदे करनेवाले थोड़ा दबाव मेंऔरऔर भी

हमने इसी जगह एक बार नहीं, कई बार कहा था कि चाहे कुछ हो जाए, बाजार 5735 तक जाएगा। यह हो गया। महज दो हफ्तों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) ने 10,000 करोड़ रुपए की खरीद कर डाली। अहम सवाल है कि आगे क्या होगा? क्या यह क्षणिक आवेग है या बाजार नई छलांग की तैयारी में है? मंदी और तेजी के खेमे की राय स्वाभाविक तौर पर अलग-अलग है। कुछ कहते हैं कि यह महज फुलझड़ीऔरऔर भी

विदेशी निवेशक फर्म मॉरगन स्टैनले ने जहां एक तरफ देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को डाउनग्रेड कर दिया है, वहीं सड़क व बांध वगैरह बनाने में लगी और उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार की करीबी मानी जानेवाली कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स का स्तर बढ़ा दिया है। यहीं नहीं, मुंबई की रीयल एस्टेट कंपनी ओबेरॉय रीयल्टी के बारे में भी उसकी राय काफी अच्छी है। मॉरगन स्टैनले ने अपनी ताजा रिपोर्ट में आरआईएल को ओवर-वेट सेऔरऔर भी

निफ्टी ने भले ही थोड़ी कमजोरी दिखाई हो, लेकिन बी ग्रुप के शेयरों में अच्छी-खासी खरीद हुई है। यह मेरी अपेक्षा के अनुरूप है। निफ्टी जब तक खुद को 5600 से 5700 के बीच जमाता है, तब तक बी ग्रुप के शेयरों का मूल्यांकन सुधरने लगा है। निफ्टी 5659.85 तक जाने के बाद 5632.10 पर बंद हुआ है जो मुझे लगता है कि अच्छा स्तर है। इसके आगे यह कभी भी धमाके के साथ 5715 तक पहुंचऔरऔर भी

सेटलमेंट का आखिरी दिन। निफ्टी 5600 के ऊपर डटा रहा। 5657.90 तक जाने के बाद 5634.90 पर बंद हुआ। साफ संकेत अगली बढ़त का। महीने का अंत आते-आते मैंने अपना जो लक्ष्य आपको बताया था, वह 5735 पर कायम है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और एसबीआई ने बाजार को उठने में मदद की है। हालांकि आरआईएल में अब भी बढ़त की काफी गुंजाइश बाकी है। जब तक यह 880 रुपए के नीचे नहीं जाता, तब तक इसमें रुझानऔरऔर भी

बाजार तेजी का हो तो मुझे अलग से अपनी राय या विचार रखने की जरूरत नहीं है। निफ्टी 5600 तक जा पहुंचा है। यह अपने-आप में ही बहुत कुछ कह जाता है। इसने उन तमाम पंटरों व विशेषज्ञों को गलत साबित कर दिया जो कह रहे थे कि इसका 5500 तक पहुंचना भी असंभव है। मैं बाजार के टिके रहने और इस सेटलमेंट में आगे बढ़ने की चार खास वजहें देखता हूं। एक, ग्रीस के ऋण संकटऔरऔर भी

हम इस सेटलमेंट में निफ्टी के उच्च स्तर को अब पार कर चुके हैं। इससे 5500 पर फंसे सभी निवेशकों को निकलने की राह मिल गई है। हालांकि बहुत दूर की कौड़ी यह भी है कि इस स्तर भी लांग रहा जा सकता था। दूसरी तरफ निफ्टी नीचे में 5185 तक चला गया। यह फिसलन इतनी तेज थी कि ट्रेडर लगातार बेचते हुए अपनी औसत लागत घटाते रहे ताकि वह 5300 पर आ जाए। फिर भी बाजारऔरऔर भी

मैंने आपसे कहा था कि मंदड़ियों को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और आप खुद देख रहे हैं कि सेटलमेंट की समाप्ति के ठीक पहले तेजड़ियों ने मंदड़ियों को कैसा धर दबोचा है। बाजार के एक बड़े उस्ताद एसबी (शरद बोबदा) के बारे में सुना गया है कि आज उन्होंने सबसे पहले निफ्टी में शॉर्ट सौदे काटे। दूसरों का अभी उनके पीछे चलना बाकी है। 5530 पर प्रतिरोघ का बहुत तगड़ा स्तर था। लेकिन निफ्टी इसे तोड़कर 5552.65औरऔर भी

एक तरफ कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्य गिरने की भविष्यवाणी हो रही है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार आज ही मंत्रियों के समूह की बैठक के बाद डीजल व रसोई गैस के दाम बढ़ा सकती है। ऐसे माहौल में न जाने कौन-सा आशावाद काम कर गया कि करीब 1.90 लाख करोड़ रुपए के वोल्यूम के साथ बाजार आज बल्ले-बल्ले कर उठा। सेंसेक्स 513.19 अंक (2.89 फीसदी) बढ़कर 18,240.68 और निफ्टी 151.25 अंक (2.84 फीसदी) बढ़त लेकर 5471.25 परऔरऔर भी

मुद्रास्फीति बढ़कर 9.06 फीसदी हो गई। चीन तक ने ब्याज दरें 0.50 फीसदी बढ़ा दी हैं। अब तो बाजार के लोगों को सचमुच यकीन हो चला है कि रिजर्व बैंक 16 जून को ब्याज दरें 0.50 फीसदी बढ़ा देगा। इतनी बुरी खबरों के बावजूद निफ्टी 5520 तक जाने के बाद 5500 के ऊपर बंद हुआ है। यह क्या दर्शाता है? हमने पहले भी कहा था और हमें अब भी लगता है कि यही बाजार के सही मूल्यांकनऔरऔर भी