बैक्टीरिया व वायरस हर तरफ फैले रहते हैं। लेकिन जिनके शरीर का एम्यून सिस्टम या प्रतिरोध तंत्र मजूबत रहता है, उनका ये कुछ नहीं बिगाड़ पाते। हां, उनके भी शरीर को बैक्टीरिया व वायरस से बराबर युद्धरत रहना पड़ता है। इसी तरह कंपनियों को भी बराबर बदलते हालात व समस्याओं से दो-चार होना ही पड़ता है। प्रबंधन तंत्र दुरुस्त हो, नेतृत्व दक्ष हो तो कंपनी हर समस्या के बाद और निखरकर सामने आती है, जबकि प्रबंधन तंत्रऔरऔर भी

रेप्रो इंडिया प्रिंटिंग व पब्लिशिंग के काम में लगी स्मॉल कैप कंपनी है। करीब तीन दशक से धंधे में है। खासतौर पर शिक्षा से संबंधित किताबें छापती है, भौतिक व डिजिटल दोनों स्वरूप में। कामकाज मुंबई से करती है। दो संयंत्र नवी मुंबई और सूरत के सचिन एसईज़ेड में हैं। धंधा देश ही नहीं, विदेश तक फैला है। करीब 60 फीसदी बिक्री विदेश से आती है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा गठित निर्यात प्रोत्साहन परिषद कैपेक्सिल की तरफ सेऔरऔर भी