बाजार तलहटी पकड़ चुका है। निराशा अपने चरम पर पहुंच चुकी है। निवेशक फिलहाल स्टॉक्स से कन्नी काट रहे हैं। इनमें भी जो छोटे निवेशक हैं वे डेरिवेटिव सेगमेंट में मार्क टू मार्केट की अदायगी के लिए जो कुछ भी पास में है, उसे बेचे जा रहे हैं। मैं कल आम निवेशकों के मूड का पता लगाने के लिए गुजरात में तीन छोटी जगहों पर गया था। मैंने पाया कि यह बात उनके मन में कहीं गहरेऔरऔर भी

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड ने कहा है कि वह सर्दियों की मांग को पूरा करने के लिए जनवरी में कतर से एलएनजी की एक खेप का आयात करेगी। इसके लिए गेल ने कतर की तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) कंपनी रासगैस से आपूर्ति समझौता किया है। उद्योग के एक सूत्र ने बताया कि हालांकि कंपनी और अधिक गैस आयात करना चाहती है, लेकिन अभी कतर से केवल एक जहाज गैस ही मंगायी जा रही है।औरऔर भी

गार्डन सिल्क मिल्स का जिक्र इसी कॉलम में हम तीन बार कर चुके हैं कि इसका पी/ई अनुपात काफी कम है और इसमें बढ़त की काफी गुंजाइश है। पहली बार 16 अगस्त को, जब बीएसई में इसका बंद भाव 83.60 रुपए था। फिर 30 अगस्त को जब ठीक पिछले कारोबारी दिन अचानक यह एकबारगी दस फीसदी से ज्यादा उछलकर ऊपर में 95.85 रुपए तक चला गया था। और तीसरी बार 30 सितंबर को जब यह 102.80 रुपएऔरऔर भी

गुजरात के सूरत जिले में सदियों से की जा रही जरी की कढ़ाई को भौगोलिक संकेत (ज्योग्राफिक इंडिकेशन या जीआई) का तमगा हासिल हो गया है जिससे इसे विशेष संरक्षण मिल गया है। प्रमुख उद्योग संगठन फिक्की (पश्चिमी क्षेत्र) के एक सदस्य ने कहा, ‘‘चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेत कार्यालय ने सूरत की जरी कढ़ाई को हाल ही में जीआई का दर्जा दिया है। इससे सूरत में जरी के काम से जुड़े डेढ़ लाख लोगों को अपने उत्पादोंऔरऔर भी

मंगलम ड्रग्स एंड ऑर्गेनिक्स (बीएसई कोड – 532637, एनएसई कोड – MANGALAM) कोई बड़ी कंपनी नहीं है। कुल बाजार पूंजीकरण अभी (शेयर के भाव और कुल जारी शेयरों की संख्या का गुणनफल = 20.45 X 1.318 करोड़) 26.953 करोड़ रुपए है। उसकी चुकता शेयर पूंजी 13.18 करोड़ रुपए है जो 10 रुपए अंकित मूल्य के शेयरों में बंटी है। गुरुवार को दुरुस्त नतीजे घोषित करने के बाद शुक्रवार को उसका शेयर 6.23 फीसदी बढ़कर 20.45 रुपए परऔरऔर भी

आरती ड्रग्स (बीएसई कोड – 524348, एसएनई कोड – AARTIDRUGS) का शेयर अपनी बुक वैल्यू के आसपास चल रहा है। उसकी बुक वैल्यू 121.46 रुपए है, जबकि कल वह 137.40 रुपए पर बंद हुआ है। हालांकि पंद्रह दिन पहले ही 30 अगस्त को वह 52 हफ्ते की चोटी 153.65 रुपए पर पहुंचा है। फिर भी उसे सस्ता ही माना जाएगा क्योंकि उसका पी/ई अनुपात 6.72 है, जबकि इसी उद्योग की अन्य कंपनी सिप्ला का मौजूदा पी/ई अनुपातऔरऔर भी

मुझे पता है कि कुछ ट्रेडर्स इतने थक और पक गए हैं कि वे अब भारतीय इक्विटी को लेकर उतना गंभीर नहीं रहे। मैं गुजरात में करीब 10,000 निवेशकों से मिला और मुझे अहसास हुआ कि उनमें से ज्यादातर शेयर बाजार के पक्ष में नहीं है। बस ट्रेडिंग के लिए ट्रेडिंग करते हैं। यहां तक कि आज खरीदो, कल बेचो (बीटीएसटी) वाले खिलाड़ी भी थक गए हैं और लंबे समय से उन्होंने भी निफ्टी में शॉर्ट रहना,औरऔर भी

सुबह हमने चलते-चलते बताया था कि विमल ऑयल एंड फूड्स में तेजी के आसार हैं और वाकई यह शेयर बीएसई में एक ही दिन में 11.63 फीसदी की बढ़त के साथ 44.65 रुपए पर पहुंच गया। ऊपर में यह 45 तक गया था और फिर इसमें थोड़ी कमी आई है। हालांकि बढ़त 10 फीसदी के ऊपर बरकरार है। अनुमान है कि यह शेयर जल्दी ही 48 रुपए तक जा सकता है। वैसे, मेहसाणा (गुजरात) की यह कंपनीऔरऔर भी