प्राइमरी बाजार ही वह चौराहा है, वो दहलीज है, जहां निवेशक पहली बार कंपनी से सीधे टकराता है। प्रवर्तक पब्लिक इश्यू (आईपीओ या एफपीओ) के जरिए निवेशकों के सामने अपने जोखिम में हिस्सेदारी की पेशकश करते हैं। निवेशक खुद तय करके अपने हिस्से की पूंजी दे देता है। फिर कंपनी सारी पूंजी जुटाकर अपने रस्ते चली जाती है और निवेशक अपने रस्ते। निवेशक की पूंजी चलती रही, कहीं फंसे नहीं, तरलता बनी रहे, कंपनी के कामकाज़ कोऔरऔर भी

देश का सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स अगले हफ्ते अपना आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लेकर पूंजी बाजार में उतर रहा है। आईपीओ 22 फरवरी को खुलेगा और 24 फरवरी तक खुला रहेगा। इसके तहत कंपनी दस रुपए अंकित मूल्य के 64,27,378 शेयर जारी करेगी। इसमें से ढाई लाख शेयर कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं। इस तरह व्यावहारिक तौर पर यह आईपीओ 61,77,378 शेयरों का है। माना जा रहा है कि कंपनी इससे 650 करोड़ से लेकर 750औरऔर भी

कमोडिटी एक्सचेंजों के लिए 2011 का साल काफी अच्छा रहा है। अप्रैल 2003 में फिर से शुरू किए गए कमोडिटी या जिंस एक्सचेंजों का कारोबार हर महीने नई ऊंचाइयां छू रहा है। जिंस एक्सचेंजों के इस शानदार प्रदर्शन में सबसे ज्यादा योगदान सर्राफा कारोबार का रहा है। इस साल सोने के भाव 2010 के 20,700 प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 29,000 रुपए को पार कर गए। जिंस बाजार नियामक वायदा बाजार आयोग (एफएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारीऔरऔर भी