अभी नहीं, प्रोजेक्शन पांच साल बाद का!
लोकतंत्र का चौथा स्तंभ ही नही, देश के अंतःकरण व विवेक का प्रहरी होने ने नाते स्वतंत्र मीडिया को सरकार से पूछना चाहिए था कि पूरे एक साल तक चौथी अर्थव्यवस्था का झूठ क्यों फैलाया गया। प्रधानमंत्री से लेकर वित्त मंत्री और वाणिज्य मंत्री तक से जवाब-तलब किया जाना चाहिए था। लेकिन आईएमएफ का हवाला देकर हमारा मीडिया खिलौना टूट जाने पर बच्चे का मन बहलाने जैसा काम कर रहा है। उसका कहना है कि इस बारऔरऔर भी
साख बचाई तो दबा जीडीपी का गुब्बारा
डॉलर के मुकाबले रुपए के कमज़ोर होने से भारत अगर दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था न बनकर छठे नंबर पर आ गया तो सवाल यह उठता है जब डॉलर खुद दुनिया की तमाम मुद्राओं के सापेक्ष कमज़ोर हो रहा था, तब हमारा रुपया डॉलर के मुकाबले कमज़ोर क्यों हुआ? ब्रिटिश पाउंड और जापान येन तक डॉलर के मुकाबले मजबूत हुए हैं, जबकि भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के खिलाफ लगातार गिरता जा रहा है। इसकी राजनीतिक व आर्थिक, दोनोंऔरऔर भी
सरकार चुप, भांट गिनाते नायाब बहाने!
दुनिया में भारत के दो पायदान नीचे गिरकर छठी अर्थव्यवस्था बन जाने पर सरकार के सन्नाटा खींचने का तुक समझ में आता है। वो अप्रिय सच को कभी भी स्वीकार नहीं कर सकती। लेकिन जिस तरह मीडिया का स्वतंत्र व निष्पक्ष कहा जानेवाला हिस्सा भी इस पतन पर एक से एक नायाब बहाने निकालकर सामने लाया है, वो एकदम बेतुका है। लगता है कि वो खुद ही सरकार का अघोषित प्रवक्ता बन गया है। उसका तर्क हैऔरऔर भी
झूठ पर हल्ला, सच पर सांप सूंघ गया!
आईएमएफ ने 14 अप्रैल 2025 को जारी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा था कि वर्ष 2025 या हमारे संदर्भ में वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का जीडीपी 4.187 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है जो जापान के अनुमानित जीडीपी 4.186 ट्रिलियन डॉलर से थोड़ा ज्यादा होगा। इस तरह भारत तब दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। तब हमारे सरकारी तंत्र ने जबरदस्त हल्ला मचाया था। लेकिन इस बार 14 अप्रैल 2026 को आईएमएफऔरऔर भी
गहन अंधकारा है छल-छद्म व झूठ की!
पूरे एक साल जनता के बहुमत से चुनी हुई सरकार राष्ट्र के साथ धोखा करती रही, बार-बार सैकड़ों बार झूठ बोलती रही कि भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। सबसे पहले यह झूठ नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्रमण्यम ने बाकायदा 25 मई 2025 को एक प्रेस कॉन्फेंस में ऐलानिया तौर पर बोला था कि भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। किसी ने उनसे यहऔरऔर भी





