आम बचत गिरी 47 साल की घाटी तक
एक तरफ देश के आमजन पर कर्ज और देनदारियों का बोझ बढ़ रहा है। दूसरी तरफ उनकी वित्तीय आस्तियां घटती जा रही हैं। नतीजा यह है कि बीते वित्त वर्ष 2022-23 में आमजन या हाउसहोल्ड की शुद्ध बचत 47 सालों के न्यूनतम स्तर जीडीपी के 5.1% पर आ गई। साल भर पहले 2021-22 में यह जीडीपी की 7.2% हुआ करती थी। यह सच रिजर्व बैंक ने सितंबर 2023 की मासिक बुलेटिन में उजागर किया है। लेकिन वित्तऔरऔर भी





