ब्याज बढ़ने से धन की लागत बढ़ जाती है। शेयर बाज़ार पर इसका सीधा असर यह पड़ता है कि जो विदेशी निवेशक अपने देशों से सस्ता धन लेकर भारत जैसे बाज़ार में लगाते थे, उनके लिए यह महंगा सौदा बन गया है। ऊपर से डॉलर के मुकाबले छीझता जा रहा रुपया कोढ़ में खाज बन गया है। वे भारतीय बाज़ार से रुपए में ज्यादा भी कमा लें तो उनकी कमाई डॉलर में कम हो जाती है। नतीजतन,औरऔर भी