किसी भी देश का केंद्रीय बैंक सरकारी बांड व प्रतिभूतियां खरीदता है तो सिस्टम में धन का प्रवाह बढ़ जाता है और धन की लागत या ब्याज दर घट जाती है। उद्योग व व्यापार जगत इसका लाभ उठाते हैं। अमेरिका ही नहीं, यूरोप व जापान तक ऐसा हो चुका है। अपने यहां भी रिजर्व बैंक से सिस्टम में धन का प्रवाह बढ़ाने की मांग होती रही है। इसमें केंद्रीय बैंक को नोट नहीं छापने पड़ते, बल्कि बढ़ीऔरऔर भी