धन हमारा उछले या डूबे, इनकी रहे मौज!
शेयर बाज़ार का निवेश हमारे-आप के लिए कभी खुशी तो कभी गम का मामला है। शेयर उछलता जाता है तो खुशी होती है, जबकि बहुत सोच-समझकर लिया गया शेयर भी जब डूबने लग जाए या डूबता चला जाए तो हमारा गम हद से पार चला जाता है। लेकिन हमारा धन उछले या डूबे, इससे हर हाल में ब्रोकरों, स्टॉक एक्सचेंजों, सरकार और यहां तक कि पूंजी बाज़ार नियामक संस्था, सेबी तक को बहुत खुशी होती है। कारण,औरऔर भी
आज़ादी के जश्न में प्रश्न, फुरसत के चार दिन!
भारत आज़ादी के 75वें साल में प्रवेश कर रहा है। आप सभी को असीम शुभकामनाएं। लेकिन उल्लास व खुशी के इस मौके पर मनन ज़रूरी है कि हम आज प्रति व्यक्ति आय के मामले में दुनिया में 128वें स्थान पर क्यों हैं? दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद भारत आज विश्व फ्रीडम इंडेक्स में 180 देशों में 142वें स्थान पर क्यों है? ऐसे बहुतेरे सवाल है जिन पर आज हर देशवासी को सोचने की ज़रूरतऔरऔर भी









