दुनिया के सफलतम निवेशक वॉरेन बफेट के गुरु बेंजामिन ग्राहम ने शेयर बाजार के लिए ‘मिस्टर मार्केट’ शब्द ईजाद करते हुए कहा था कि वह ऐसा काल्पनिक निवेशक है जो घबराहट, उन्माद व उदासीनता के भावों से भरा है। किसी उन्मत्त पागल जैसा उसका स्वभाव है जो कभी भी आशा व निराशा के मूड के बीच झूलने लगता है। एक आम निवेशक या ट्रेडर भी बाज़ार के इस स्वभाव की तस्दीक कर सकता है। लेकिन कल्पना केऔरऔर भी

शेयर बाज़ार में जबरदस्त जुनून छाया है। इसे उन्माद या पागलपन भी कह सकते हैं। ऐसा नहीं होता तो जब निफ्टी 25.47 के पी/ई अनुपात पर ट्रेड हो रहा है, तब जुबिलैंट फूडवर्क्स 130.86 के पी/ई अनुपात पर नहीं ट्रेड हो रहा होता। कभी बैंकिंग व फाइनेंस स्टॉक्स को चढ़ाया जाता है तो कभी मेटल व रियल्टी स्टॉक्स को। मुठ्ठी भर ऑपरेटरों की मौजूदा रणनीति यह है कि चुनिंदा स्टॉक्स को धन का प्रवाह बढ़ाकर चढ़ाते जाओऔरऔर भी

अगर वित्तीय बाज़ार का कोई ट्रेडर अखबार या वेबसाइट से मिली किसी जानकारी को लाभ कमाने के मौके में न बदल सके तो उसका पढ़ना निरर्थक है। वैसे, बिजनेस अखबारों या चैनलों पर आई खबर चूसकर फेंक दी गई गन्ने की खोइया जैसी होती है। इसलिए कुछ अनुभवी ट्रेडर कहते हैं कि हमें दस मिनट से ज्यादा समय ऐसे अखबार पढ़ने पर नहीं जाया करना चाहिए। हेडलाइंस देखी और आगे बढ़ गए। वही लेख या समाचार पूराऔरऔर भी

वित्तीय बाज़ार में जानकार निवेशक या ट्रेडर को कोई सर्टिफिकेट नहीं देता, न ही कोई माला पहनाता है। बाजार से होनेवाली कमाई ही उसका सर्टिफिकेट है, उपहार है। इसलिए यहां किसी को खुद मियां-मिठ्ठू नहीं बनना चाहिए। अपनी सफलता का राग बघारना हद दर्जे की मूर्खता है। आप कितने सफल हैं, यह आपका बैंक या ट्रेडिंग खाता बता देता है। इससे यह भी पता चलता है कि अभी आपको अपनी जानकारी कितनी बढ़ानी और व्यावहारिक बनानी है।औरऔर भी

सिद्धांत कहता है कि कंपनी का शेयर उसके इन्ट्रिन्जिक या अंतर्निहित मूल्य से नीचे लेना बाज़ार से लाभ कमाने का सबसे सुरक्षित तरीका है। दुनिया के सबसे सफल निवेशक वॉरेन बफेट ने यही तरीका अपनाकर अरबों-खरबों कमाए हैं। लेकिन अपने यहां आज की हकीकत क्या है? बहुत सारे शेयर अपने अंतर्निहित मूल्य से काफी नीचे ट्रेड हो रहे हैं, जबकि तमाम हल्की कंपनियों के शेयर धन के प्रवाह की बदौलत आसमान छूते जा रहे हैं। देश-विदेश काऔरऔर भी