बस चंद दिन और। फिर विदेशी संस्थागत निवेशकों को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) कहा जाने लगेगा क्योंकि अभी तक देश में इन पर टैक्स लगाने को लेकर जो भी उलझनें थीं, वे अब दूर हो गई है। पूंजी नियामक संस्था, सेबी ने घोषित किया है कि अब देश में सभी तरह के विदेशी निवेशकों पर एक जैसा टैक्स लगाया जाएगा। कंपनी की इक्विटी में 10% तक विदेशी निवेश एफपीआई माना जाता है। करें अब ट्रेडिंग आज की…औरऔर भी

संख्याएं, गणनाएं और सिद्धांत मानव जाति से अपनी सुविधा के लिए बनाए हैं। इनसे सच को कुछ हद तक समझा जा सकता है, उस पर सवारी नहीं गांठी जा सकती। इसलिए कुछ लोग अगर फिबोनाच्ची संख्याओं और इलियट-वेव सिद्धांत का भौकाल बनाकर 61.8%, 38.2% या 23.6% वापसी की बात करते हैं तो वे या खुद मूर्ख हैं या आपको मूर्ख बना रहे हैं। भाव डिमांड और सप्लाई के हिसाब से ही चलते हैं। अब आज का बाज़ार…औरऔर भी

बाज़ार भांति-भांति के ट्रेडरों व निवेशकों की साझा भावना से चलता है। फिर हर स्टॉक अलग-अलग लोगों को अपनी तरफ खींचता है। ऊपर से ब्रोकर, जॉबर, फंड मैनेजर, सिस्टम ट्रेडर व प्रोफेशनल ट्रेडर अपने दांव चलते हैं। साथ ही लाखों ऐसे लोग जिनका पता ही नहीं कि बाज़ार कैसे चलता है। हर दिन इन सबकी भावनाओं से भाव व बाज़ार चलता है। इसे किसी यांत्रिक विधि से नहीं पकड़ा जा सकता। अब करें नए हफ्ते का आगाज़…औरऔर भी

पौधे ही किसी दिन पेड़ बनते हैं। पर शेयर बाज़ार को यह बात समझ में ही नहीं आती। बड़ी कंपनियों की दशा-दिशा दिखाने वाला बीएसई सेंसेक्स इस साल जनवरी से लेकर अब तक 7.65% बढ़ा है, पर मध्यम कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिड कैप सूचकांक 9.66% और छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉल कैप सूचकांक 15.58% गिरा है। सो, मिड और स्मॉल कैप में अभी बढ़ने की काफी गुंजाइश है। तथास्तु में आज एक स्मॉल कैप कंपनी…औरऔर भी

उधर डॉलर का जनक अमेरिकी क्रेद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व घोषणा करता है कि वो जनवरी से सिस्टम में 85 अरब के बजाय 75 अरब डॉलर के ही नोट डालेगा, इधर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफआईआई) भारतीय शेयरों की खरीद घटाने के बजाय बढ़ा देते हैं। बुधवार की घोषणा के अगले दिन गुरुवार को एफआईआई ने हमारे कैश सेगमेंट में 2264.11 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीद की। कल शुक्रवार को भी उन्होंने शुद्ध रूप से 990.19 करोड़ रुपए केऔरऔर भी