देश की अर्थव्यवस्था जल्दी ही 8-9 फीसदी की ऊंची सालाना विकास दर की राह पर वापस आ जाएगी। यूपीए सरकार की मुखिया के रूप में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सोमवार को यह दावा किया। वे संसद के बजट सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि मौजूदा  आर्थिक विकास दर भी अच्छी है। बता दें कि हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर साल भर के 8.4 फीसदी सेऔरऔर भी

वित्तीय जगत से जुड़े अधिकांश विश्लेषकों को नहीं लगता कि रिजर्व बैंक आम बजट से पहले गुरुवार, 15 मार्च को ब्याज दरों में कोई कमी करेगा। यह बात समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रायशुमारी से जाहिर हुई है। रॉयटर्स ने 20 विश्लेषकों से पूछा कि क्या रिजर्व बैंक रेपो दर को 8.5 फीसदी से घटा देगा? इसके जवाब में 17 विश्लेषकों ने कहा है कि ऐसा नहीं होने जा रहा। दो महीने पहले जनवरी में इसी तरहऔरऔर भी

बाजार आज तकरीबन पांच मिनट को छोड़कर बाकी दिन भर ऊपर बना रहा। सेंसेक्स 0.48 फीसदी की बढ़त लेकर 17,587.67 और निफ्टी 0.49 फीसदी की बढ़त के साथ 5359.55 पर बंद हुआ। लेकिन एमसीएक्स नीचे में 1214 रुपए तक चला गया। यह मेरी उस धारणा की पुष्टि करता है कि आईपीओ में ओवर-सब्सक्रिप्शन ऊपर से कराया गया था, मैनेज किया गया था और जो भी मांग दिखाई गई, वह बनावटी थी। यही वजह है कि जिन लोगोंऔरऔर भी

पेट्रोन इंजीनियरिंग नाम के अनुरूप इंजीनियरिंग व कंस्ट्रक्शन के काम में लगी कंपनी है। तेल व गैस, रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल, उर्वरक, सीमेंट व बिजली जैसे उद्योगों को अपनी सेवाएं बेचती है। यह 1976 में बनी कंपनी है। चार साल पहले तक पूरी तरह भारतीय कंपनी हुआ करती थी। लेकिन जनवरी 2008 के बाद से इसका नियत्रंण एक ब्रिटिश कंपनी काज़ स्ट्रॉय सर्विसेज (केएसएस) के हाथ में चला गया है। वैसे तो केएसएस के पास कंपनी की 20.13 फीसदीऔरऔर भी

सृजन व पीड़ा में अभिन्न रिश्ता है। प्रकृति ने तो सृजन की हर प्रक्रिया के साथ खुशी व उन्माद के ऐसे भाव जोड़ रखे हैं कि पीड़ा गौड़ हो जाती है। सामाजिक सृजन में इंसान को यह काम खुद करना पड़ता है।और भीऔर भी

नितांत आत्मीय रिश्ते ही भावना-प्रधान होते हैं। बाकी सभी मित्र और नाते-रिश्तेदार काम खत्म, पैसा हज़म का नाता रखते हैं। उनसे इससे ज्यादा अपेक्षा भी नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम भी तो यही करते हैं।और भीऔर भी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के 1032 रुपए के मूल्य पर जारी किए गए शेयर शुक्रवार को नए नियम के मुताबिक एक घंटे के नीलामी सत्र के बाद बीएसई में 1387 रुपए और एनएसई में 1408 रुपए पर लिस्ट हुए। इस तरह लिस्टिंग मूल्य इश्यू मूल्य से क्रमशः 34.4 फीसदी और 36.4 फीसदी ज्यादा रहा। इसके बाद इस पर 20 फीसदी का सर्किट ब्रेकर लग गया। इसकी ऊपरी सीमा 1664.40 रुपए और निचली सीमा 1109.60 रुपए बांध दीऔरऔर भी

शेयर बाजार को बाजार बंद होने से पहले यह पता था। मुद्रा बाजार को इस बात का पक्का अंदाजा था। बैंकों को भी मालूम था कि ऐसा होने जा रहा है। इसलिए रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को शेयर बाजार, मुद्रा बाजार और बैंकों में सन्नाटा छाने के बाद सीआरआर (नकद आरक्षित अनुपात) में कमी कर दी तो हर कोई बड़ा सुकून महसूस कर रहा है। तसल्ली थोड़ी और भी इसलिए बढ़ गई क्योंकि जहां अपेक्षा सीआरआर मेंऔरऔर भी

हमें दूर का सब दिखता है। जो नहीं दिखता, उसे भी देखने का सरंजाम कर लेते हैं हम। लेकिन पास की चीजें नहीं देख पाते हम, जबकि समाधान आसपास ही मौजूद है जिसके लिए दूर जाने की जरूरत नहीं।और भीऔर भी

बजट में एक ऐसी घोषणा है जिसे करने के लिए सरकार के खजाने से कुछ नहीं जाता। इसके लिए वित्त मंत्री को बस अपनी छटांक भर की जुबान चलानी पड़ती है। यह है कृषि ऋण के लक्ष्य में बढ़ोतरी। पूरी उम्मीद है कि वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी अगले हफ्ते शुक्रवार, 16 मार्च को 2012-13 का बजट पेश करते वक्त कृषि ऋण का लक्ष्य 25 फीसदी बढ़ा देंगे। चालू वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण का बजट लक्ष्यऔरऔर भी