सरकार माल व सेवा कर (जीएसटी) को जल्दी से जल्दी लागू करने के लिए राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम कर रही है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने बुधवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित सीमा शुल्‍क और केन्‍द्रीय उत्‍पाद शुल्क विभाग के एक समारोह के दौरान यह बात कही। उनका कहना था कि जीएसटी देश के अप्रत्यक्ष कर प्रणाली के इतिहास में सबसे अहम सुधार है। उद्योग व व्यापार जगत ही नहीं, तमाम अर्थशास्त्री व विशेषज्ञ मेंऔरऔर भी

एमसीएक्स के आईपीओ को रिटेल निवेशकों की तरफ से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। बुधवार को इश्यू खुलने के पहले ही दिन आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित 35 फीसदी हिस्सा डेढ़ गुना सब्सक्राइब हो गया। रिटेल निवेशकों के लिए आईपीओ में कुल 21,62,082 शेयर रखे गए हैं, जबकि शाम पांच बजे तक उनकी तरफ से 32,38,962 शेयरों की बोलियां आ गईं। एनएसई की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक एमसीएक्स के आईपीओ में पहलेऔरऔर भी

आज नहीं तो कल इसे होना ही था और आज यह हो गया। 1.33 बजे तक निफ्टी कल से महज दो अंक नीचे था। लेकिन फिर अगले दो घंटे में 102 अंक टूट गया। 40 फीसदी रोलओवर हुए और ऑपरेटरों ने बाजार पर जमकर चोट की। निफ्टी अंत में 1.82 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 5505.35 पर बंद हुआ। कल खत्म हो रहे सेटलमेंट के निफ्टी फ्यूचर्स का आखिरी भाव भी इसी के आसपास 5518.10 रहा।औरऔर भी

देश के सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज, बीएसई ने पर्यावरण रक्षा के प्रति देश के कॉरपोरेट जगत की परवाह को दर्शानेवाला सूचकांक, ग्रीनेक्स के नाम से लांच किया है। भारत में अपनी तरह के इस पहले सूचकांक में कुल 20 कंपनियां शामिल हैं। इस सूचकांक की औपचारिक शुरुआत बुधवार को कॉरपोरेट कार्य मंत्री वीरप्पा मोइली ने बीएसई परिसर में आयोजित एक समारोह में की। बीएसई ने इस सूचकांक का निर्धारण जर्मन सरकार के सहयोग से चलाई जा रहीऔरऔर भी

अदालत ने 2जी मामले में एस्सार समूह के प्रवर्तक अंशुमन व रवि रूइया और लूप टेलिकॉम के प्रवर्तक आई पी खेतान व किरण खेतान को केवल एक दिन के लिए व्यक्तिगत रूप से अपने समक्ष न उपस्थित होने की छूट दे दी है। लेकिन अपनी राय स्पष्ट करते हुए सीबीआई की इस विशेष अदालत के न्यायाधीश ओ पी सैनी ने कहा, “चारों आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने की छूट केवल आज (बुधवार) भर केऔरऔर भी

प्राइमरी बाजार ही वह चौराहा है, वो दहलीज है, जहां निवेशक पहली बार कंपनी से सीधे टकराता है। प्रवर्तक पब्लिक इश्यू (आईपीओ या एफपीओ) के जरिए निवेशकों के सामने अपने जोखिम में हिस्सेदारी की पेशकश करते हैं। निवेशक खुद तय करके अपने हिस्से की पूंजी दे देता है। फिर कंपनी सारी पूंजी जुटाकर अपने रस्ते चली जाती है और निवेशक अपने रस्ते। निवेशक की पूंजी चलती रही, कहीं फंसे नहीं, तरलता बनी रहे, कंपनी के कामकाज़ कोऔरऔर भी

जहां गंदगी होती है, क्षरण वहीं होता है। जहां सफाई है, वहां स्वाभाविक विकास चलता रहता है। यही प्रकृति का नियम है। इसलिए विकास के लिए जरूरी शर्त है कि गंदगी को बराबर साफ करते रहा जाए।और भीऔर भी