राजभाषा से लेकर राष्ट्रभाषा के बीच त्रिशंकु बनी हिंदी की ऐसी दुर्गति हमारा सरकारी अमला कर रहा है जिसका कोई जवाब नहीं। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित एक समारोह में साल 2011 के साहित्य एकेडमी पुरस्कार दिए गए। इस समारोह के मुख्य अतिथि नामवर सिंह थे। लेकिन संस्कृति मंत्रालय की तरफ से अंग्रेजी में दी गई जानकारी में जहां नामवर सिंह को ‘क्रिटिक’ बताया गया है, वहीं हिंदी में जारी विज्ञप्ति में उन्हें हिंदी का ‘प्रख्यातऔरऔर भी

देश का सबसे बड़ा कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स अगले हफ्ते अपना आईपीओ (शुरुआती पब्लिक ऑफर) लेकर पूंजी बाजार में उतर रहा है। आईपीओ 22 फरवरी को खुलेगा और 24 फरवरी तक खुला रहेगा। इसके तहत कंपनी दस रुपए अंकित मूल्य के 64,27,378 शेयर जारी करेगी। इसमें से ढाई लाख शेयर कर्मचारियों के लिए आरक्षित हैं। इस तरह व्यावहारिक तौर पर यह आईपीओ 61,77,378 शेयरों का है। माना जा रहा है कि कंपनी इससे 650 करोड़ से लेकर 750औरऔर भी

भारत में भले ही अब भी एस्बेस्टस का इस्तेमाल घरों से लेकर कारखानों तक में धड़ल्ले से हो रहा हो, लेकिन दुनिया में इसे मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इतना कि इटली में एस्बेस्टस का कारोबार करनेवाले दो लोगों को अदालत ने 16 साल कैद की सजा सुनाई है। यह पर्यावरण संबंधी मामले में अपनी तरह की पहली सजा है। यह मामला 1986 का है। अदालत ने सोमवार को सुनाए गएऔरऔर भी

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को अमेरिका के ‘नेशनल मेडल ऑफ आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया। मालूम हो कि अमर्त्य सेन को 1998 में अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार मिल चुका है और वे इस समय अमेरिका की ही हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र व दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर हैं। ओबामा ने 78 वर्षीय अमर्त्य सेनऔरऔर भी

आपको कतई यकीन नहीं है कि निफ्टी बढ़कर 5500 तक पहुंच जाएगा। फिर भी मेरी दृढ़ मान्यता है कि ऐसा होकर रहेगा और हम उसे 5480 या 5500 तक पहुंचा हुआ जरूर देखेंगे। मेरी दृढ़ता और पुष्ट हो गई, जब निफ्टी फ्यूचर्स आज ऊपर में 5454 तक जाने के बाद 5452.20 पर बंद हुआ। कैश सेगमेंट में निफ्टी 5428.05 तक जाने के बाद 0.48 फीसदी की बढ़त लेकर 5416.05 पर बंद हुआ है। आप सब लोगों कीऔरऔर भी

मुद्रास्फीति की दर जनवरी में उम्मीद से कुछ ज्यादा ही घटकर 6.55 फीसदी पर आ गई है। यह थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित सकल मुद्रास्फीति का नवंबर 2009 के बाद का सबसे निचला स्तर है। चालू वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक विकास दर के त्वरित अनुमान के घटकर 6.9 फीसदी रह जाने और मुद्रास्फीति के काफी हद तक काबू में आ जाने के बाद रिजर्व बैंक पर इस बार का दबाव बढ़ जाएगा कि वह ब्याज दरोंऔरऔर भी

कोई समझे या न समझे। हमारा तो यही अंदाज़ है। जयश्री टी में हमने जो लक्ष्य 30 दिन में हासिल करने की बात कही थी, उसे तीन ट्रेडिंग सत्रों में ही हासिल कर लिया। हमने इसके 99 रुपए पर पहुंचने की बात कही थी। कल यह 99.40 रुपए तक चला गया। हमारा काम है पूरी ईमानदारी से निवेश की सलाह देना और वह काम हम किए जा रहे हैं। हां, बुद्धि और विश्लेषण की सीमा है तोऔरऔर भी

जीने के दो ही तरीके हैं। एक, दिए हुए हालात को जस का तस स्वीकार कर उसी में अपनी कोई जगह बना ली जाए। दो, हालात से ऊपर उठकर नई संभावनाओं को तजबीज कर उन्हें मूर्त रूप दे दिया जाए।और भीऔर भी