प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश में हर तरफ फैले भ्रष्टाचार को आर्थिक उदारीकरण व सुधारों का नतीजा मानने के बजाय नैतिक ताने-बाने से जुड़ी समस्या करार दिया है। लेकिन आईआईटी खड़गपुर के छात्रों ने उनके हाथ से डिग्री लेने से इनकार कर खुद उनकी नैतिकता पर सवालिया निशान लगा दिया है। प्रधानमंत्री ने सोमवार को कोलकाता में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार आम आदमी के रोजमर्रा केऔरऔर भी

एक बार फिर मैंने बाजार को जबरदस्त निराशा के आगोश में डूबा हुआ देखा। इतनी निराशा कि लोगों को केवल घाटी दिख रही है, ठीक वहीं से उठता पहाड़ नहीं दिख रहा। माना कि वैश्विक मसलों ने भारतीय बाजार को घेर रखा है और सेंसेक्स को 16,000 तक गिरा डाला है। लेकिन यह ऐसा स्तर है जहां से बहुतों को भारतीय शेयरों में कायदे का मूल्य नजर आ रहा है। यही वजह है कि आज निफ्टी मेंऔरऔर भी

रीको ऑटो इंडस्ट्रीज दोपहिया से लेकर चार-पहिया वाहनों के कंपोनेंट बनानेवाली बड़ी कंपनी है। कितनी बड़ी, इसका अंदाजा कंपनी के धारुहेड़ा, मानेसर व गुड़गांव के संयंत्रों को देखकर लगाया जा सकता है। हीरो मोटोकॉर्प से लेकर मारुति तक की बड़ी सप्लायर है। आज से नहीं, करीब पच्चीस सालों से। लेकिन 2006 से ही उसके सितारे गर्दिश में हैं। पहले मजदूरों की 56 दिन लंबी हड़ताल हुई। फिर दुनिया के वित्तीय संकट ने भारत को आर्थिक सुस्ती मेंऔरऔर भी

संख्याएं चलाती हैं हमारी जिंदगी। क्या करेंगे, क्या पाएंगे – सारा हिसाब करती हैं संख्याएं। समय तक को बांधती हैं संख्याएं। हम इनसे भाग नहीं सकते। हां, उन्हें उंगलियों के पोरों पर जरूर रख सकते हैं।और भीऔर भी

अमेरिका और यूरोप से बराबर कमजोरी की खबरें आती रहीं। भारतीय बाजार नीचे और नीचे होता रहा। दुनिया के बाजारों में गिरावट से भारतीय बाजार में घबराहट बढ़ती गई। शुक्र है कि रिटेल निवेशक अभी तक बाजार से बाहर हैं, इसलिए इस बार भुगतान का कोई संकट नहीं खड़ा हुआ। इस मायने में 2011 का सदमा 2008 के सदमे से भिन्न है। 2008 में बाजार यकीनन ओवरबॉट स्थिति में था, वह भी बड़े पैमाने पर मार्जिन याऔरऔर भी

हमारी जितनी भी ऊर्जा है, सारी की सारी उधार की है। इसे किसी न किसी दिन लौटाना ही पड़ता है। अपने अंदर लेकर बैठे रहे तो कभी चैन नहीं मिलता क्योंकि कर्ज लौटाए बिना उऋण कैसे हो सकते हैं हम?और भीऔर भी

मुरैना (मध्य प्रदेश) की खाद्य तेल कंपनी केएस ऑयल्स की हालत इतनी खराब नहीं है कि उसका शेयर 77 रुपए से टूटकर 7.70 रुपए पर आ जाए। जी हां! केएस ऑयल्स का शेयर 18 जनवरी 2010 को बीएसई में 77 रुपए पर था, जबकि 17 अगस्त 2011 को 7.70 रुपए पर आ गया। पूरे 90 फीसदी की चपत। कंपनी ने हालांकि चालू वित्त वर्ष 2011-12 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित नहीं किए हैं, लेकिन बीते वित्तऔरऔर भी

उचाट रहने से सच तक नहीं पहुंचा जा सकता है, पंडित नहीं बना जा सकता है। इसके लिए जुड़ना जरूरी है, प्रतिबद्धता जरूरी है, प्रेम जरूरी है, डूबना जरूरी है। निर्लिप्त रहकर ज्ञानवान नहीं बना जा सकता।और भीऔर भी

30 जून 2011 तक देश के 6,01,625 गांवों में से 1,69,201 यानी 28 फीसदी से ज्यादा गांवों तक ब्रॉडबैंड पहुंच चुका है। भारत निर्माण कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र सरकार का लक्ष्य देश की सभी ढाई लाख ग्राम पंचायतों को साल 2012 तक ब्रॉडबैंड से जोड़ देने का है। अभी तक इनमें से 1,33,712 पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सुविधा पहुंचाई जा चुकी है। साथ ही ग्रामीण वायरलेस ब्रॉडबैंड स्कीम के तहत 2,88,454 ब्रॉडबैंड कनेक्शन दिए गए हैं। सरकारी कंपनीऔरऔर भी

राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीति सरकार ने तैयार कर ली है और जल्दी ही इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। केंद्र में वाणिज्य, उद्योग और वस्त्र मंत्रालय का जिम्मा एक साथ संभालने वाले मंत्री आनंद शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी में निर्यात पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा कि उन्होंने कल (गुरुवार) को ही इस नीति के कैबिनेट नोट पर दस्तखत किए हैं और कुछ ही हफ्तों में भारत की पहली राष्ट्रीय मैन्यूफैक्चरिंग नीतिऔरऔर भी