कैबिनेट ने गुरुवार को सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एबीसीसी) को शुरुआती पब्लिक ऑफर (आईपीओ) लाने की इजाजत दे दी। अभी कंपनी की सारी की सारी 90 करोड़ रुपए की चुकता पूंजी भारत सरकार के पास है। इसमें से 10 फीसदी इक्विटी सरकार बेचेगी, जिससे कुल 250 करोड़ रुपए जुटाने की योजना है। यह रकम चालू वित्त वर्ष 2011-12 में विनिवेश के लिए निर्धारित 40,000 करोड़ रुपए के लक्ष्य के सामने इतनी कम है कि कोईऔरऔर भी

राष्ट्रीय दवा मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अगस्त 1997 में अपनी स्थापना से लेकर 31 जुलाई 2011 तक अधिक मूल्य पर दवाएं बेचने के 812 मामलों में 2357.24 करोड़ रुपए का डिमांड नोटिस जारी किया है। इस राशि में दवाओं की बिक्री पर लिए गए अधिक मूल्य पर लगाया गया ब्याज शामिल है। लेकिन अब तक वह इसमें से महज 211.25 करोड़ रुपए यानी 8.96 फीसदी रकम ही वसूल कर पाया है। उसने ये नोटिस दवा (मूल्यऔरऔर भी

खाद्य मुद्रास्फीति एक बार दहाई के खतरनाक आंकड़े की तरफ बढ़ने लगी है। वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 30 जुलाई 2011 को समाप्त सप्ताह में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति की दर 9.90 फीसदी दर्ज की गई है। इससे पिछले सप्ताह यह 8.04 फीसदी और उससे पहले पिछले सप्ताह 7.33 फीसदी ही थी। वैसे तसल्ली की बात यह है कि साल भर पहले इसी दौरान मुदास्फीति की दर 16.45औरऔर भी

देश के निर्यात में जुलाई माह के दौरान 81.8 फीसदी की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है और यह 29.3 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वाणिज्य सचिव राहुल खुल्लर ने राजधानी दिल्ली में गुरुवार को मीडिया को यह जानकारी दी। जुलाई में आयात 51.5 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 40.4 अरब डॉलर का रहा है। माह के दौरान व्यापार घाटा 11.1 अरब डॉलर का रहा। खुल्लर का कहना था कि निर्यात का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लेकिनऔरऔर भी

इस समय बाजार के सारे विशेषज्ञ दुविधा में हैं। सबकी राय बंटी हुई है। स्टैंडर्ड एंड पुअर्स और मूडीज दोनों ही एजेंसियों ने ही फ्रांस की रेटिंग एएए पर बरकरार रखी है जिसका मतलब हुआ कि नए डाउनग्रेड का डर खत्म हो गया है। फिर भी अमेरिका का डाउ जोन्स सूचकांक 513 अंकों की भारी गिरावट का शिकार हो गया क्योंकि ब्याज दरों को दो साल तक कम रखने के फेडरल रिजर्व प्रमुख के बयान को लोगोंऔरऔर भी

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां एक तरह से ठेकेदारों जैसा ही काम करती हैं। लेकिन ठेकेदार की छवि हमारे दिमाग में नेताओं तक पहुंच और सरकारी धन की लूट करनेवाले गुंडे-मवाली की ही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही मूलतः ठेकेदार ही तो रहे थे। पर, इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां एकदम भिन्न व प्रोफेशनल तरीके से काम करती हैं। देश में जिस तरह इंफ्रास्ट्रक्चर की खस्ता हालत को लेकर त्राहि-त्राहि मची है, उसमें इस क्षेत्र कीऔरऔर भी

एक हद के बाद हम कुछ नहीं कर सकते। फिर जो भी है, वह दूसरे को ही करना होता है। यह दूसरा प्रकृति भी हो सकती है और इंसान भी। प्रकृति पर हमारा वश नहीं, लेकिन इंसान को समाज ठीक कर सकता है।और भीऔर भी

अगर किसी भी ब्रोकर ने पूरा मार्जिन लिए बगैर अपने ग्राहक को डेरिवेटिव बाजार में ट्रेड करने दिया तो उसे भारी पेनाल्टी देनी होगी। पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी ने गुरुवार को सभी स्टॉक एक्सचेंजों को भेजे एक सर्कुलर में यह निर्देश दिया है। उसका कहना है कि एक्सचेंजों को ब्रोकरों को ऐसी कोई ढील नहीं देकर उन पर पेनाल्टी लगानी चाहिए। एक्सचेंजों को इस सर्कुलर पर अमल 1 सितंबर 2011 से करना है। सेबी का कहनाऔरऔर भी

स्विस बैंकों में जमा भारतीयो का धन पिछले पांच सालों में लगातार घटता रहा है और इसकी मौजूदा रकम दस हजार करोड़ रुपए से भी कम है। 2006 में यह राशि 23,373 करोड़ रुपए थी। वहीं 2010 तक यह आधे से भी ज्यादा घटकर 9295 करोड़ रुपए पर आ गई है। वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों को उद्धृत करतेऔरऔर भी

खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्रालय अपने पास खाद्य प्रसंस्‍करण क्षेत्र में हुए निवेश के आंकड़े नहीं रखता है। यह जानकारी खुद खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री डॉ. चरणदास महंत ने संसद में एक सवाल के लिखित जवाब में दी। यही नहीं, जिस ई-पोर्टल के जरिए मंत्रालय के पास बैंक व वित्तीय संस्थाएं प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी भेजती हैं, उसका संचालन निजी क्षेत्र का एचडीएफसी बैंक करता है। मंत्री महोदय ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि एचडीएफसी बैंक सेऔरऔर भी