सरकारी रवैये से किसी कंपनी का क्या हश्र हो सकता है इसका एक और उदाहरण सामने आया है। कानूनी बाधाओं के कारण दूरसंचार मंत्रालय पिछले करीब दो साल से सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में वित्त निदेशक की नियुक्त नहीं कर सका है। कंपनी का कारोबार 30,000 करोड़ रुपए सालाना से अधिक है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस नियुक्ति पर रोक लगा रखी है। दूरसंचार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे मेंऔरऔर भी

सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को कृष्णा गोदावरी बेसिन स्थित उसके डी-6 ब्लॉक में गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले महीने तक दो और कुएं खोदने का आदेश दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उससे संबद्ध हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के आग्रह को दरकिनार करते हुए कंपनी को जून अंत तक इस ब्लॉक में दो कुएं और वित्त वर्ष के अंत तक नौ कुएं खोदने को कहा है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वालीऔरऔर भी

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि भारत के सबसे बड़े बैंक का शुद्ध लाभ मात्र मात्र 20.88 करोड़ रुपए हो सकता है। लेकिन भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के साथ ऐसा ही हुआ है। सोमवार को घोषित नजीतों के अनुसार मार्च 2011 की तिमाही में एसबीआई ने 1922.73 करोड़ रुपए का कर-पूर्व लाभ कमाया है। लेकिन 1901.85 करोड़ रुपए का टैक्स चुकाने के बाद उसका कर-बाद लाभ 20.88 करोड़ रुपए रहा है, जबकि साल भर पहले इसीऔरऔर भी

एमएससीआई (मॉरगन स्टैनले कैपिटल इंटरनेशनल) सूचकांक को बदला जा रहा है। इसमें उभरते बाजारों का वजन बढ़ाया जाएगा। इससे भारतीय बाजार में एफआईआई की खरीद 13 करोड़ डॉलर बढ़ सकती है। लेकिन बाजार के लिए 13 करोड़ डॉलर कोई मायने नहीं रखता। साथ ही इस एमएससीआई के भारत सूचकांक में छह नई कंपनियों – टाइटन इंडस्ट्रीज, डाबर इंडिया, श्रीराम ट्रांसपोर्ट, मुंद्रा पोर्ट, बैंक ऑफ इंडिया और एशियन पेंट्स को शामिल किया गया है। बाजार में आम गिरावटऔरऔर भी

।।संजय तिवारी।। दुनिया का तो पता नहीं लेकिन भारत में विचार के व्यापार का तरीका बड़ा वीभत्स हो गया है। जो व्यापार है उसमें विचारशून्यता अनिवार्य शर्त है लेकिन जहां विचार के प्रचार को ही व्यापार होना है वहां स्थिति बड़ी भयावह है। ज्ञान के बोझ को कांधे पर लादे भारत में विचारों का इतना अनादर आश्चर्य पैदा करता है। सत् तत्व को शब्द तक उतार लानेवाले भारतीय समाज में सद्विचार, सत्कर्म, सत्संग को समाप्त करने केऔरऔर भी

किसी कंपनी के होने का मूल मकसद होता है नोट बनाना और कंपनी को स्टॉक एक्सचेंजों में लिस्ट कराने का मकसद होता है, उसके स्वामित्व को जनता में बिखेर कर पूंजी की सुलभता व लाभ सुनिश्चित करना और कमाए गए लाभ को लाभांश या अन्य तरीकों से अपने शेयरधारकों तक पहुंचाना। अगर कोई लिस्टेड कंपनी लाभ नहीं कमा रही है तो उसके शेयरों में मूल्य खोजना खुद को धोखे में रखना या भयंकर रिस्क लेना है। किसीऔरऔर भी

हमारा काम बस इतना है कि हम बीज और मिट्टी को, आग और घी को, सिद्धांत व व्यवहार को, भगवान व इंसान को खींचकर एकदम करीब ले आएं। बाकी काम प्रकृति व समाज के नियम अपने आप कर लेंगे।और भीऔर भी

पूंजी बाजार नियामक संस्था, सेबी की इजाजत के बगैर काम कर रही एक प्लांटेशन कंपनी और उसके दो निदेशकों पर दिल्ली की एक अदालत ने जुर्माना लगाया है। हालांकि जुर्माने की रकम महज 2.25 लाख रुपए है। लेकिन सांकेतिक रूप से इसका काफी महत्व है। योजना एग्रो फॉरेस्ट्री नाम की यह कंपनी लंबे-चौड़े रिटर्न का झांसा देकर लोगों से धन इकट्ठा कर रही थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) पवन कुमार जैन ने कंपनी के खिलाफ सेबी कीऔरऔर भी

वेदांत समूह द्वारा केयर्न एनर्जी को अधिग्रहण करने के मुद्दे पर विचार करने के लिए मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी, जबकि इस सौदे को पूरा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 20 मई को समाप्त हो रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक 27 मई को होगी जिसमें केयर्न एनर्जी द्वारा केयर्न इंडिया में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी वेदांत समूह को बेचने पर चर्चाऔरऔर भी

भारत अपनी नौसेना की ताकत में इजाफा करने के मकसद से अगले बीस सालों में 101 नए युद्धपोतों पर कुल 46.96 अरब डॉलर का निवेश करेगा। एक विशेषज्ञ ने सिंगापुर में यह दावा किया है। अमेरिका स्थित संस्था ‘एएमआई इंटरनेशनल’ के उपाध्यक्ष और नौसेना विशेषज्ञ बॉब नुगेंट ने कहा, ‘‘इतने बड़े पैमाने पर निवेश को देखते हुए भारत परिष्कृत विध्वंसक, नयी पीढ़ी और नये रेडार से युक्त पोत, परमाणु पनडुब्बियां और तेज गति वाले पोत चाहेगा।’’ नुगेंटऔरऔर भी