रिलायंस पर सरकार का दबाव, खोदे कुएं और

सरकार ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को कृष्णा गोदावरी बेसिन स्थित उसके डी-6 ब्लॉक में गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले महीने तक दो और कुएं खोदने का आदेश दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और उससे संबद्ध हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (डीजीएच) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के आग्रह को दरकिनार करते हुए कंपनी को जून अंत तक इस ब्लॉक में दो कुएं और वित्त वर्ष के अंत तक नौ कुएं खोदने को कहा है।

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस के केजी डी-6 स्थित धीरुभाई-1 और धीरुभाई-1 क्षेत्र में दबाव कम होने और पानी आने से 4.10 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन गैस उत्पादन हो रहा है जबकि योजना के अनुसार क्षेत्र से उत्पादन 6.18 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन तक होना चाहिए।

केजी डी-6 ब्लॉक की 2 मई को हुई प्रबंधन समिति की बैठक में रिलायंस ने क्षेत्र की समीक्षा के लिए वैश्विक विशेषज्ञों को मिलाकर एक तकनीकी समिति गठित करने का आग्रह किया। बैठक में हुई बातचीत की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने यह बताया। बहरहाल, पेट्रोलियम मंत्रालय और डीजीएच ने रिलायंस के आग्रह को दरकिनार करते हुए उसे दो और कुएं जल्द खोदने को कहा है।

कंपनी से कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून अंत तक) वह उतने ही कुएं पूरे करे जितने उसने पहले किए थे। मंत्रालय ने इसके साथ ही यह भी कहा है कि कंपनी मार्च 2012 तक नौ और कुओं से उत्पादन शुरू करे।

बैठक में उपस्थित रिलायंस की भागीदार कंपनी नीको रिसोर्सेज ने डीजीएच के सुझाव को खारिज करते हुए कहा कि मुख्य रिजरवॉयर चैनल से हटकर कुओं की खुदाई करना आर्थिक रूप से नुकसानदेह होगा। रिलायंस और नीको दोनों ने ही कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय विकास योजना को हर तरह से पूरा किया है। केवल कुछ कुओं की खुदाई नहीं हो पाई है।
रिलायंस का कहना है कि क्षेत्र में खोदे गए सभी 18 उत्पादन करने वाले कुएं मुख्य चैनल क्षेत्र में है और योजना के तहत इनको विकसित किया गया है।

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