गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से आग्रह किया है कि उनके लिए प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) में भी कर छूट का प्रावधान जारी रखा जाना चाहिए ताकि संगठनों को कल्याणकारी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन मिलता रहे। ‘टैक्स पेयर्स प्रोटेक्शन एंड वेल्फेयर सोसायटी’ द्वारा राजधानी दिल्ली में जारी एक बयान में कहा गया है, “करों से धर्मार्थ संस्थानों को संसाधन जुटाने में बाधा आएगी और कल्याणकारी गतिविधियां चलाने की उनकी क्षमता घटेगी।” बयान में कहाऔरऔर भी

ब्रिक देश (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) अब उभरते बाजार नहीं रह गए हैं बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था के लिये ‘वृद्धि बाजार’ बन गए हैं। अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन शैक्स के चेयरमैन (संपत्ति प्रबंधन) जिम ओ नील ने बीजिंग में यह बात कही है। दस साल पहले जिम ओ नील ने ही इन देशों के लिए उभरता बाजार शब्द का उपयोग किया था। ब्रिक्स शिखर बैठक से पूर्व ओ नील ने चाइना डेली को दिए गए साक्षात्कार में कहा,औरऔर भी

उत्तर प्रदेश के दशहरी और दूसरे किस्मों के आम के शौकीन लोगों को इस बार ‘फलों का राजा’ खरीदने के लिए अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी क्योंकि प्रतिकूल हालात की वजह से इस मौसम में आम के उत्पादन में खासी गिरावट के आसार साफ नजर आ रहे हैं। उधर महाराष्ट्र में अलफांसों की तीन चौथाई से ज्यादा फसल बरबाद हो जाने की खबर पहले ही आ चुकी है। ऑल इंडिया मैंगो ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसरामऔरऔर भी

हमने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एफआईआई भारतीय बाजार को क्यों पसंद करते हैं। इसलिए कि वाजिब तंत्र के न होने और देश के रिटेल व छोटे निवेशकों को अहमियत न दिए जाने के चलते वे जब चाहें, बाजार को अपने हिसाब से नचा सकते हैं। आज समूची दुनिया के बाजारों में माहौल नकारात्मक था। दलाल स्ट्रीट भी बुरे दिन की उम्मीद किए बैठा था। लेकिन भारतीय बाजार में तेजी का चक्र चल गया।औरऔर भी

आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और दलाल स्ट्रीट पर्यायवाची हो गए हैं। यहां तक कि पूरे भारतीय शेयर बाजार को अमेरिका के वॉल स्ट्रीट की तर्ज पर दलाल स्ट्रीट कहा जाता है। देश के इस सबसे पुराने स्टॉक एक्सचेंज का जन्म 1875 में एक एसोसिएशन के रूप में हुआ था, जिसका नाम था – नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर एसोसिएशन। लेकिन इसका बीज 1840 में एक बरगद के पेड़ के नीचे पड़ा था। मुंबई के चर्चगेट इलाकेऔरऔर भी

जाने-माने अर्थशास्त्री और राजनीतिक विश्लेषक अरविंद पनगारिया ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भंग करने की मांग करते हुए कहा है कि यह देश में उच्च शिक्षा का दम घोंट रही है। पनगारिया न्यूयार्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। मंगलवार को मुंबई में एक समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि यह उचित समय है कि हम इस विशालकाय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भंग कर एक उचित संगठन बनाएं जो मुस्तैद हो और आज वऔरऔर भी

मूलभूत रूप से मजबूत कंपनियों के शेयर बढ़ते ही हैं। हमने इसी कॉलम में 1 जुलाई 2010 को वी-गार्ड इंडस्ट्रीज की चर्चा की थी। तब उसका भाव 102 रुपए था। नौ महीनों में यह बढ़कर 190 रुपए पर पहुंच गया है। इस बीच 11 नवंबर 2010 को यह 215 रुपए की ऊंचाई भी छू चुका है। रिटर्न की गणना आप खुद कर लीजिए। इसलिए बाजार से चुन-चुनकर मजबूत शेयर पकड़ते रहना चाहिए। वक्त के साथ वे अच्छाऔरऔर भी

किसी दिन कोई हमें बता देता है कि यह सही है और वह गलत। हम उसका ज्ञान ओढ़ लेते हैं। धीरे-धीरे हमारा आचार-विचार यंत्रवत हो जाता है। और, यंत्रवत होते ही हम इंसान के सत्व से हाथ धो बैठते हैं।और भीऔर भी

डाक विभाग इस साल प्रीपेड स्मार्ट कार्ड पेश करेगा। यह कार्ड डेबिट कार्ड जैसा होगा जिसका इस्तेमाल दुकानॆं पर बिल का भुगतान करने और इंटरनेट पर खरीदारी आदि के लिए किया जा सकेगा। यह जानकारी आईटी और संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में दी। सिब्बल के पास टेलिकॉम और एचआरडी मंत्रालय भी है। सिब्बल ने कहा, ‘‘डाक विभाग रिजर्व बैंक से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहा है और 15 मई तक वहऔरऔर भी

इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनी गूगल ने अमेरिका में कैलिफोर्निया प्रांत के मोजावे रेगिस्तान में सौर ऊर्जा संयंत्र के निर्माण कार्य को पूरा करने में मदद के लिए 16.8 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। यह ऊर्जा संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों में से एक है। गूगल इससे पहले अमेरिका से बाहर जर्मनी में बर्लिन के नजदीक 18.7 मेगावॉट क्षमता के एक सौर ऊर्जा संयंत्र में 35 लाख यूरो (करीब 50 लाख डॉलर) लगा चुकाऔरऔर भी